hindmedianews
Breaking News
Raipurकबीरधामछत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग न्यूजभ्रष्टाचारसमस्या

ODF के नाम पर महाघोटाला!जिला पंचायत और प्रशासन सीधे कटघरे में

IMG-20250714-WA0596
20250706_064041
IMG_20250714_110614
previous arrow
next arrow

 

कबीरधाम में स्वच्छ भारत मिशन की लाश, 90% सामुदायिक शौचालय फेल ,काग़ज़ों में स्वच्छता,ज़मीन पर गंदगी अधिकारियों ने डकार ली अरबों की राशि!

अजय जांगड़े

कवर्धा।स्वच्छ भारत मिशन,जिसे केंद्र सरकार ने देश की सबसे बड़ी जनकल्याणकारी योजना के रूप में पेश किया—कबीरधाम जिले में भ्रष्टाचार, लापरवाही और प्रशासनिक मिलीभगत का स्मारक बनकर रह गया है। बोड़ला, कवर्धा, पंडरिया और सहसपुर लोहारा की 468 ग्राम पंचायतों को ODF घोषित कर पीठ थपथपाई गई, लेकिन हकीकत यह है कि यह घोषणा जनता के साथ किया गया सबसे बड़ा छलावा साबित हो रही है।

सरकार का दावा था—हर घर में शौचालय, हर नागरिक को सम्मान। इसके लिए ₹12,000 प्रति परिवार की राशि स्वीकृत की गई। इसके बाद सामुदायिक शौचालयों की बाढ़ ला दी गई और अब नेशनल हाईवे किनारे भी निर्माण दिखाकर वाहवाही लूटी जा रही है।

लेकिन ज़मीनी सच यह है कि स्वच्छता नहीं, सिर्फ़ कमीशन का नेटवर्क खड़ा किया गया।

90% सामुदायिक शौचालय फेल—यह विफलता नहीं, अपराध है

कबीरधाम जिले में बने करीब 90 प्रतिशत सामुदायिक शौचालय या तो बंद पड़े हैं, या उपयोग लायक ही नहीं हैं।

कई जगहों पर ताले जड़े हैं, कई भवन खंडहर बन चुके हैं और अनेक शौचालय नशेड़ियों, जुआरियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुके हैं।

जानबूझकर शौचालयों को फेल किया गया

मेंटेनेंस की कोई व्यवस्था ही नहीं

जानबूझकर ऐसे स्थानों पर निर्माण, जहां आमजन पहुंचे ही नहीं।पानी, बिजली और सफाई की व्यवस्था शून्य,सेप्टिक टैंक अधूरे, दरवाजे टूटे, परिसर बदहाली का शिकार

संचालन की जिम्मेदारी तय नहीं—क्योंकि जवाबदेही से बचना था

यह लापरवाही नहीं, पूर्व नियोजित भ्रष्टाचार की तस्वीर है।केंद्रीय योजनाओं की खुली लूट, भुगतान पूरा—काम अधूरा,सबसे संगीन आरोप यह है कि केंद्र सरकार से आई राशि की खुली बंदरबाट की गई।

निर्माण कार्य केवल काग़ज़ों और फोटो तक सीमित रहा, लेकिन भुगतान पूरा निकाल लिया गया।यदि आज स्वतंत्र, निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराई जाए, तो करोड़ों नहीं,अरबों रुपये की स्थान चयन में गड़बड़ी, माप-पुस्तिका,झूठे पूर्णता प्रमाण पत्र, अधिकारियों-एजेंसी की सांठगांठ

सब कुछ बेनकाब होना तय है।जिला पंचायत और प्रशासन सीधे कटघरे में जब शौचालय उपयोग में नहीं, तो ODF घोषित किस आधार पर?बिना पानी-बिजली के निर्माण को स्वीकृति किसने दी?

मेंटेनेंस के नाम पर निकला फंड किसकी जेब में गया?जिम्मेदार अफसरों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?क्या यह सब उच्चस्तरीय संरक्षण में हुआ? स्वच्छता नहीं, सफेदपोश भ्रष्टाचार

कबीरधाम में स्वच्छ भारत मिशन आज सरकारी असफलता नहीं, प्रशासनिक अपराध बन चुका है।यह योजना जनता की सेहत और सम्मान के नाम पर थी, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसे लूट की मशीन बना दिया गया।

अब सवाल साफ है—क्या शासन इस महाघोटाले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को जेल भेजेगा, या फिर ODF की यह फर्जी चमक भी अन्य घोटालों की तरह फाइलों में दबा दी जाएगी?जनता जवाब चाहती है… और अब चुप्पी खुद एक अपराध बन चुकी है।

संबंधित पोस्ट

*जल के खेल में पीएचई फेल…..जल के बदले बहाया गया पैसा…*  *जल तो नही पर जिम्मेदार को खूब मिला पानी….*  जल जीवन मिशन के कार्यों  में हो रही भारी लापरवाही

Chunesh Sahu

कबीरधाम जिले में छात्रों के साथ शोषण: नाबालिग छात्रों से कराया गया काम

hindmedianews

ज़िले में चलाया जा रहा मिशन शक्ति’’ के तहत 100 दिवसीय विशेष जागरुकता अभियान

hindmedianews

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जयस्तंभ चौक में किया शहीद वीर नारायण सिंह के त्याग और संघर्ष का स्मरण

Sakshi Bansod

Chunesh Sahu

*IAS बनाम संविदा कर्मी : जंग खाई कलम बनाम कमीशन का सिक्क….*

Chunesh Sahu