
रायपुर , छत्तीसगढ़।
7 दिसंबर 2025 को राजधानी Raipur स्थित Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya के कृषक सभागार में हुए Chhattisgarh State Sarva Ravidas Samaj के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेते हुए Vishnu Deo Sai — मुख्यमंत्री, ने राज्य की नई औद्योगिक नीति (Industrial Policy 2024-30) पर जोर देते हुए कहा कि यह नीति “रोजगार और युवाओं के अवसरों” पर केंद्रित है।
नई औद्योगिक नीति 2024-30 — क्या है खास
इस नीति का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक विकास के साथ — युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति, पूर्व सैनिकों, नक्सल प्रभावित व अन्य पिछड़े वर्गों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।
नीति के तहत:
युवाओं को उद्योगों में रोजगार देने के लिए प्रोत्साहन; प्रशिक्षण के दौरान प्रति युवक / युवती को ₹15,000 मासिक भत्ता;
ऐसे स्टार्टअप्स / उद्योगों को विशेष छूट, सब्सिडी, आसान मंजूरी: खासकर सेवा-क्षेत्र, एमएसएमई, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई / डेटा सेंटर, फार्मा जैसे सेक्टरों में।
निवेश को बढ़ावा देने हेतु भू-संपत्ति, भूमि आवंटन की प्रक्रिया सरल, “रेड-कार्पेट” सुविधा।
छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य — आने वाले वर्षों में लगभग पांच लाख नए रोज़गार तैयार करना है।
निवेश और सुधार: तेजी से बदल रही तस्वीर
नीति लागू होने के लगभग एक साल में ही, राज्य ने ₹7.5 लाख करोड़ तक के निवेश प्रस्ताव (investment proposals) प्राप्त किए — जो कि पहले 6 महीनों में करीब ₹4.5 लाख करोड़ थे।
नए निवेश — खासकर टेक्सटाइल, फ़ार्मा, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, एआई-डेटा सेंटर जैसे आधुनिक एवं भविष्य-उन्मुख उद्योगों में — प्रस्तावित हैं।
नीति के तहत सरकार ने औद्योगिक स्थापना प्रक्रिया सरल बनाई है, जिससे निवेशकों को मिलने वाली सहूलियतें बढ़ी हैं — इससे राज्य में औद्योगिक माहौल सुधारने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री का संदेश — “नया छत्तीसगढ़, बेहतर भविष्य” मुख्यमंत्री साय ने समारोह में कहा कि यह औद्योगिक नीति सिर्फ उद्योग लगाने तक सीमित नहीं है — बल्कि यह नीति युवाओं के लिए रोज़गार, स्टार्टअप्स के लिए मौके, और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल देने का वादा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस नीति की वजह से प्रदेश में अब केवल निवेश नहीं, बल्कि “विकास की गति” तेज हुई है। निवेशों की बढ़ती प्रवाह, परियोजनाओं की शुरुआत, साथ ही युवाओं एवं स्थानीय लोगों को रोजगार — नीति की सफलता का संकेत हैं।
चुनौतियाँ और आगे का रास्ता
हालाँकि प्रस्तावित निवेश और नीति के फायदे बड़े हैं, लेकिन औद्योगिक निवेश का वास्तविक रूप में प्रारंभ होना, परियोजनाओं की समय पर शुरूआत, भूमि एवं संसाधन आवंटन — इस पर काम करना होगा; युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ, उन्हें कौशल, निरंतर प्रशिक्षण, और उद्योग-अनुरूप योग्य बनाना होगा;
विशेष समुदायों (अनुसूचित जाति/जनजाति, अग्निवीर, पूर्व सैनिक, नक्सल प्रभावित) को वाकई में शामिल करना होगा, जिससे नीति का सामाजिक उद्देश्य पूरा हो।
राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति — रोजगार, निवेश, और सामाजिक समावेश — तीनों पर जोर देती है। अगर सरकारी प्रक्रियाएँ सुचारु रहीं, निवेश प्रस्ताव जमीन पर तब्दील हुए, और युवाओं/स्थानीय लोगों को सही प्रशिक्षण मिला — तो छत्तीसगढ़ में यह नीति “नए छत्तीसगढ़” की नींव साबित हो सकती है।





