



कवर्धा, कबीरधाम जिला जो प्रदेश ही नहीं देश में भी एक ख्याति प्राप्त है जहां से मंत्री, विधायक सहित अनेक महान हस्ती का जन्म हुआ है। जहां लोकतंत्र की बनी सरकार जिन्हें जनता ने अपने विश्वाश के साथ पिरोकर सूबे के साथ साथ पूरे देश में आशीर्वाद देकर परचम लहराया है।
जिससे आम जनों को एक नई दिशा और शांति समृद्धि मिल सके। लेकिन कबीरधाम जिले में आम जनों के साथ साथ पत्रकारों के ऊपर भी पुलिस की अत्याचारी रुकने का नाम नहीं ले रहा है,केश डायरी की खाना पूर्ति के लिए बेगुनाहों को विचाराधीन बंदी बनाकर जेल में आमद प्रवेश करा उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने में जुटी हुई है।
अपनी कार्यवाही दिखाने एक किसी की व्यक्तिगत किए गए अपराध के आरोपी की धाराओं को अन्य बेकसूरों के ऊपर जोड़ आरोपी बना कार्यवाही करने में माहिर दिखाई पड़ रही है।
सूबे के गृह मंत्री व विधायक कबीरधाम जिले से ही हैं लेकिन किसी भी तरह की पुलिस विभाग को हिदायत व भोले भाले जनता को न सताने का आदेश निर्देश नहीं दे पाए हैं जिससे वर्तमान सरकार तथा स्थानीय विधायक की गरिमा भी धूमिल होने की कगार में हैं।
सरकार को चाहिए कि दोषी व्यक्ति की तहकीकात कर उसके खिलाफ कार्यवाही करे न कि जो मन में आए वह करे, पुलिस की इस तरह की कृत्य निंदा के पात्र हैं साथ ही भविष्य में इसका प्रकोप पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी देखने को मिलेगा जिसका भयावहता रूप सरकार की कुर्सी हिला देने के साथ साथ ऐसे तानाशाह पुलिस अधिकारी कर्मचारी की हिसाब किताब भी करेगी आम जनता देश की विरासत है और शासकीय कर्मी सेवक है लेकिन सेवक अपनी अहमियत भूल आम जनता को आंदोलन करने पर विवश कर रही है।
अगर समय रहते कबीरधाम जिले के तानाशाह पुलिस अपनी कार्य में सुधार नहीं लाई तो वर्तमान भाजपा सरकार की उम्र लंबी नहीं होगी व भविष्य में इसका प्रतिफल उसको पाना ही पड़ेगा।
साथ ही यह कार्रवाई न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह लोगों के विश्वास को भी तोड़ रही है।
सरकार से मांग की जा रही है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करे और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। साथ ही, बेगुनाह लोगों को न्याय दिलाने के लिए भी कदम उठाए जाएं।