



सेंनचुवा (सेमरा)में समस्त ग्रामवासी एवं भगवती मानस परिवार के द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी त्रि दिवसीय मानस गान सम्मलेन का आयोजन किया जिसमें हिन्दू जागरण मंच जिला धमतरी के प्रांत युवा प्रमुख दीपक सिंह ठाकुर, हरिशंकर शांडिल्य ,अमरदीप देवांगन ,लक्ष्मीकांत सोनी सेंचुवा ग्रामवासियों तथा भगवती मानस परिवार के आमंत्रण पर शामिल हुए मानस गान सम्मलेन को संबोधित करते हुए प्रांत युवा प्रमुख दीपक सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा विश्व वंदनीय भारत भूमि की यशोगान जिस महाकाव्य के आधार पर होती है ,जिस चरित्र का गायन किया जाता है जिसको हम गांव_गांव में संत, मुनियों , मानस मंडलियों के माध्यम से श्रवण करते है प्रत्येक वर्ष श्री रामचरितमानस गान का सम्मलेन का आयोजन होते आ रहा है लेकिन मानस के आदर्शो को समाज ने अभी तक कितना स्वीकार किया यह चिंतन का विषय है श्री राम चरित मानस सिर्फ एक पुस्तक नहीं बल्कि भगवान श्री राजा रामचंद्र जी का अदभुत विग्रह रूप है हम सभी को विश्वास रखकर अपने_ अपने घरों में नित्य पूजा पाठ और अध्ययन करना चाहिए रामचरित मानस का प्रत्येक पात्र अपने आप में एक अनोखा आदर्श है यदि हिन्दू समाज का प्रत्येक व्यक्ति उनके आदर्शो को अपनाए तो जीव कल्याण होना निश्चित है। आज भारत में हिन्दू समाज के नारी सुरक्षा,
सम्मान,भूमि अतिक्रमण,धर्मांतरण,रोजगार सृजन कैसे हो, बढ़ते अ वैध गतिविधियां जो आने वाले समय में हम सभी के लिए चुनौतियां हो सकती है भारत के संविधान में पूर्ण रूपेण उल्लेखित है समाज जगे तो पूर्ण रूप से गांवों में चल असामाजिक तत्वों द्वारा बहलाने फुसलाने के कार्यों पर हम विराम लगा सकते समाज को जातीपंथ से ऊपर उठकर सोचना होगा क्योंकि हम सभी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है।समाज परिवार हमेशा युवाओं के लिए अच्छी सोच समझ रख कर ही नवयुवकों नवयुवतियों को विवाह के संस्कार में जोड़ता है आजकल समाज को छोड़कर अन्य रीति नीति जो चल रही है उक्त विषय समाज को झकझोर रही है इस पर समाज को सोचने का विषय है भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन में अनेक समस्याएं आयी पर धर्म और सत्य मार्ग अपनी मर्यादा नहीं छोड़े अपने चरित्र से मानव समाज को जीवन जीने की कला सुख _दुख ,जीवन _मरण, लाभ _हानि ,यश अपयश सभी के जीवन में है अतएव अपने धर्म को मजबूत करना चाहिए संगठित होकर ही बड़ी से बड़ी संकटों सामना किया जा सकता है उक्त अवसर पर बड़ी संख्या में समस्त ग्रामवासी सेंचुवा एवं भगवती मानस परिवार के अध्यक्ष डॉ भूषण लाल चंद्राकर उपस्थित थे