
छग/धमतरी
छग के धमतरी जिला में घटिया और गुणवत्ताहीन सामग्रियों का प्रयोग चरम सीमा पर है,। धमतरी जिला के बहुप्रतीक्षित सड़क मांग जिनके लिए करीब 20 वर्षों से अधिक समय का संघर्ष लगा है, वहीं दूसरी ओर विभाग की लापरवाही के चलते यह सड़क न जाने कितनी ही जिंदगियां निगल ली जिनकी स्वीकृति जिला में सबसे महंगी कीमत पर हुई,… कारण भी है कि कई घर तबाह किए इस रोड में लोगों ने अपनी जान गंवाकर कीमत चुकाई है।
बहरहाल ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी विभाग को सिर्फ मोटी कमीशन से सरोकार है बाकी सड़क में चाहे मिट्टी डाले, या, रेत इनको फ़र्क नहीं पड़ता बाकायदा इनको बना बुनाया जवाब तैयार रहता है कि डाली गई मटेरियल टेस्टेड और सेंट्रल लैब से अप्रूव्ड है।
कोलियरी खरेंगा दो संघर्ष समिति ने ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के ऊपर मोटी कमीशन खोरी और मंत्री से सेटिंग का धौंस दिखाने का आरोप लगाए है, वहीं दूसरी ओर ठेकेदार द्वारा गांव के तालाब को गहरीकरण के नाम पर 40 फिट गहरा कर पूरा मिट्टी को सड़क में बिछा दिया गया है जिस पर माइनिंग विभाग भी चुप है।
मौके पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी इंजीनियर मौके से नदारद रहते है और नदारद का कारण है मोटी कमीशन… जिसके चलते सड़क को झांकने नहीं आते और ठेकेदार अपना कमीशन लेकर पेटी में ठेकदारों को बांट दिए हैं… जिससे गुणवत्ता को लेकर काफ़ी शिकायतें है बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद में है।
मामले में जिला पंचायत सदस्य द्वारा विभाग को पत्र भी लिखा हुआ है लेकिन विभाग अपने अड़ियल रवैए से सबको चौंकाए हुए है।

चुनेश साहू 7049466638





