
पर्यावरण की धज्जियां उड़ाते लाल ईट,बेखौफ संचालन किया जा रहा है जिम्मेदार कौन?
बालोद जिला___विकास्खंड गरूर÷ग्रामिण छेत्रो में लाल ईट का खेल संचालन कर्ता द्वारा बिना किसी डर भाव के बेखौफ होकर बडे पैमाने पर शासन प्रशासन नाक के निचे से संचालित किया जा रहा है। जबकी कुछ साल पहले पर्यावरण पर लाल ईट से निकलते धुआँ से खतरा बडता देख प्रशासन द्वारा गाईड लाईन बनाया गया जो पर्यावरन की सुरछा किया जा सकता है पर लाल ईट संचालन कर्ता द्वारा किसी भी प्रकार से प्रशासन की गाईड लाईन का पालन नहीं किया जा रहा है अभी कुछ महीने पहले शासन प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण सुरछा दिवस मनाया गया पर बेखौफ लाल ईट निर्माण किया जा रहा है प्रशासन किसी भी प्रकार से कार्यवाहि करने नाकाम क्यो?कही एसा तो नहीं संचालन कर्तार्ओ के बोझ तले दबा हुआ प्रशासन कार्यवाहि करने में नाकाम हो।पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रशासन द्वारा फ्लाई एश ईट को अनुमति प्रदान किया जिससे पर्यावरण पर किसी भी प्रकार से खतरा नहीं हो।पर पलाई एस ईट का भी सप्लाई भी नहीं हो पा रही है पीएम आवास निर्माण पर पलाई एस ईट का उपयोग किया जाना है प्राईवेट आवास निर्माण पर भी इसका इस्तेमाल किया जाना है जिससे पर्यावरण प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी और लाल ईट पर अकुश लगाया जा सकता है ।प्रशासन गहरी नींद से कब जागती है क्या पर्यावरण प्रदूषण से बच पाएगी?






