पंडरिया- बिरकोना संकुल अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला के केशलीगोड़ान में महान कथा शिल्पी मुंशी प्रेमचंद का 142 वा जयंती 31 जुलाई को मनाया गया इस अवसर पर संस्था के प्रधान पाठक शिवकुमार बंजारे ने मुंशी प्रेमचंद की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मुंशी प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को ग्राम लमही जिला वाराणसी उत्तर प्रदेश में हुआ। प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपत राय श्रीवास्तव था वे एक अध्यापक, सफल लेखक, देशभक्त, कुशल वक्ता, संपादक और संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने डेढ़ दर्जन उपन्यास तथा तीन सौ से अधिक कहानियां लिखी। सामाजिक और कृषक जीवन जैसे विषयों पर लिखे उनके लेख वर्तमान में भी वर्तमान में घटी घटनाओं तथा प्रभाव का स्पष्ट चित्रण करता है। दहेज, बेमेल विवाह, पराधीनता, लगान, छुआछूत, विधवा विवाह, आधुनिकता आदि प्रमुख समस्याओं का चित्रण उनके लेखों में मिलता है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक श्री विजय चंदेल ने बच्चों को मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित कहानी दो बैलों की कथा को सुनाकर मुंशी प्रेमचंद को याद किया। प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक शिवकुमार बंजारे ने बच्चों को *ईदगाह*नामक कहानी बच्चों को सुनाया इस अवसर पर शिक्षिका श्रीमती लता चांदसे शिक्षक श्री सत्येंद्र चांदसे एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे।