
पत्रकार संगठनों ने बड़े आंदोलन के संकेत दिए
अजय जांगड़े
कवर्धा। देशभर में पत्रकारों और मीडियाकर्मियों पर बढ़ते दबाव, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप, अवमानना और शोषण जैसी लगातार सामने आ रही घटनाओं के खिलाफ अब पत्रकार समुदाय एकजुट होकर मुखर होता जा रहा है। इसी क्रम में प्रेस क्लब पंडरिया ने तहसीलदार के हाथों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित करने हेतु तत्काल प्रभाव से ठोस पहल की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि देश के अलग-अलग जिलों में पत्रकार संगठन प्रधानमंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नाम पर प्रतिदिन ज्ञापन सौंप रहे हैं। इसके बावजूद यदि सरकारें इस गंभीर मुद्दे को लेकर ठोस निर्णय नहीं लेतीं, तो पत्रकार समुदाय एक बड़े जनआंदोलन के लिए बाध्य होगा। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि “यह केवल औपचारिक विरोध नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का अभियान है।”पत्रकारों ने कहा कि फील्ड में कार्यरत मीडियाकर्मियों पर बढ़ते दवाब, खबरों को दबाने की कोशिशें, कार्यस्थल पर असुरक्षा और प्रभावशाली समूहों द्वारा मनमानी जैसी स्थितियाँ अब असहनीय हो चुकी हैं। उनका कहना है कि “पत्रकारिता की सुरक्षा और स्वतंत्रता केवल पत्रकारों का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रहित का सवाल है।”
संगठन ने यह भी मांग रखी कि जिलों और विकासखंडों में समाचार संकलन के लिए योग्य पत्रकार प्रतिनिधियों की विधिवत नियुक्ति व्यवस्था लागू की जाए। वर्तमान में जमीनी स्तर पर मेहनत से जुटाई गई खबरें कई बार बड़े प्लेटफॉर्म पर वह स्थान नहीं पा पातीं, जिसकी वे वास्तविक हकदार हैं। इसके उलट, कुछ प्रभावशाली समूहों को संरक्षण और मेहनतकश मीडियाकर्मियों पर दमनात्मक रवैये को बढ़ावा दिए जाने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
इन परिस्थितियों ने पत्रकार समुदाय को राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर निर्णायक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है। संगठन ने कहा “पत्रकारिता की स्वतंत्रता हमारी पहचान है, इसे कोई दबा नहीं सकता।इस मौके पर प्रेस क्लब पंडरिया के अध्यक्ष हिमांशु ठाकुर, सचिव गुरुनाम सिंह छाबड़ा सहित पदाधिकारी और सदस्य केशरीनंदन तिवारी, नरेंद्र तिवारी, अजय जांगड़े, अनिल गायकवाड़ उपस्थित रहे।







