
तहसील एवं एसडीएम कार्यालय परिसर में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव – आम जनता की लगातार शिकायतों के बाद भी प्रशासनिक उदासीनता बरकरार
धमतरी जिले के प्रमुख प्रशासनिक परिसर – तहसील एवं उप जिलाधिकारी (एस.डी.एम.) कार्यालय, जहां प्रतिदिन सैकड़ों नागरिक अपने राजस्व, नामांतरण, जाति, निवास, प्रमाण पत्र व अन्य कार्यों हेतु आते हैं – वहां पेयजल एवं स्वच्छ शौचालय जैसी आवश्यक नागरिक सुविधाएं आज भी पूर्ण रूप से अनुपलब्ध हैं।
गत कई माहों से आम नागरिकों एवं स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार मौखिक एवं लिखित रूप से शिकायतें एवं आवेदन प्रस्तुत किए जा चुके हैं। विशेषकर श्री हरिशंकर मरकाम, निवासी धमतरी, द्वारा पूर्व में जिला कलेक्टर महोदय को लिखित आवेदन देकर इस संबंध में ध्यान आकर्षित कराया गया था। बावजूद इसके, आज दिनांक तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है।

वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक है:
• कार्यालय परिसर में स्वच्छ एवं ठंडे पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है।
• शौचालयों की हालत अत्यधिक खराब है – गंदगी, दुर्गंध, कीड़े-मकोड़े, तथा जल की अनुपलब्धता के कारण नागरिकों को भारी असुविधा व स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
• विशेषकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं दूर-दराज़ से आने वाले ग्रामीणजनों के लिए यह स्थिति अपमानजनक एवं असहनीय हो गई है।
यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक है कि जिस कार्यालय में नागरिक अपने अधिकारों और प्रमाणों हेतु आते हैं, वहीं उनकी स्वास्थ्य, गरिमा एवं मूलभूत आवश्यकताओं की अनदेखी की जा रही है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि राज्य व केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के विरुद्ध भी है।





