

गरियाबंद। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के संवेदनशील इलाके सोनाबेड़ा अभ्यारण्य के ढेकुनपानी जंगल में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने सर्चिंग अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओडिशा के कोमना पुलिस कैंप से निकली सीआरपीएफ टीम ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। अभियान के दौरान जवानों को जंगल के भीतर संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले, जिसके आधार पर गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान जमीन में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
बरामद सामग्री में लगभग 70 नग जिलेटिन स्टिक, 3 नग स्टील कंटेनर और 4 बंडल इलेक्ट्रॉनिक वायर शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि इन सामग्रियों का उपयोग नक्सलियों द्वारा बड़े हमले को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। समय रहते इस सामग्री की बरामदगी से एक बड़ी घटना टल गई है।
सीआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका लंबे समय से नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील रहा है। सुरक्षा बलों की सतर्कता और लगातार चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के चलते नक्सलियों की साजिशों को लगातार विफल किया जा रहा है। जवानों की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्चिंग अभियान और तेज कर दिया है। आसपास के जंगलों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहन जांच में जुट गई हैं। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह विस्फोटक सामग्री कब और किसके द्वारा वहां छिपाई गई थी।
इस सफल कार्रवाई के बाद सुरक्षा बलों के हौसले बुलंद हैं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान और तेज करने की तैयारी की जा रही है।





