
रायपुर। पंडरिया :समावेशी शिक्षा और दिव्यांगजनों के अधिकारों को समर्पित राज्य स्तरीय पुस्तक “दिव्यांगता : अधिकार, अवसर और आशा” का विमोचन आज दिनांक 26 जुलाई 2025 को रायपुर के होटल सोलिटेयर, जय स्तंभ चौक में एक गरिमामयी समारोह में सम्पन्न हुआ। इस पुस्तक का विमोचन छत्तीसगढ़ राज्य के उपमुख्यमंत्री माननीय श्री अरुण साव के करकमलों से किया गया।
इस अवसर पर कबीरधाम जिले के शासकीय प्राथमिक शाला केशलीगोड़ान के प्रधान पाठक श्री शिवकुमार बंजारे को पुस्तक लेखन में उनके रचनात्मक योगदान के लिए मंच से विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साथ ही प्रदेशभर से चयनित उन शिक्षकों को भी सराहना मिली, जिन्होंने इस महत्त्वपूर्ण प्रकाशन को समृद्ध करने में अपनी लेखनी से योगदान दिया।
इस पुस्तक का संपादन राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका सुश्री के. शारदा के नेतृत्व में किया गया, जिन्होंने राज्यभर के उत्कृष्ट शिक्षकों की एक समर्पित टीम बनाकर इस प्रयास को साकार किया।
पुस्तक में दिव्यांगजनों के अधिकारों, शासकीय योजनाओं, सहायता संसाधनों एवं संपर्क विधियों की सुलभ जानकारी दी गई है। खास बात यह है कि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए पुस्तक में QR कोड आधारित ऑडियो सामग्री भी समाहित की गई है।
इस महत्वपूर्ण पुस्तक का निर्माण छत्तीसगढ़ के 33 जिलों के शिक्षकों के लेखन सहयोग से किया गया है।
पुस्तक के सह-संपादक श्री धर्मानंद गोजे तथा सामग्री प्रभारी सुश्री प्रीति शांडिल्य ने तकनीकी एवं विषयवस्तु में विशेष सहयोग प्रदान किया।
गौरतलब है कि श्री शिवकुमार बंजारे, राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित प्रधान पाठक हैं, जो शिक्षा जगत में नवाचार, समावेशन और रचनात्मक लेखन के लिए पहचाने जाते हैं। उनका यह सम्मान न केवल कबीरधाम जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि राज्य के शिक्षा जगत को प्रेरणा भी प्रदान करता है।





