
राजनांदगांव। जिले के सुरगी पुलिस चौकी क्षेत्र में किसानों के खेतों से लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई से न केवल चोरी की वारदातों पर अंकुश लगा है, बल्कि प्रभावित किसानों को भी राहत मिली है।
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी समेत अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम खैरा में 28 नवंबर से 7 दिसंबर 2025 के बीच अज्ञात चोरों ने अलग-अलग खेतों को निशाना बनाते हुए कुल 7 किसानों के खेतों से एक सबमर्सिबल पंप, लगभग 810 फीट केबल वायर तथा कृषि कार्य में उपयोग आने वाले औजार जैसे पाना-पेंचिस चोरी कर लिए थे।
लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था और किसान अपनी फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।
घटना के बाद पीड़ित किसानों ने सुरगी चौकी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में सुरगी पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए संदिग्धों की तलाश तेज कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ी पूछताछ में मुख्य आरोपी पिंटू उर्फ दुर्लभ उर्फ दीनू मेश्राम (उम्र 25 वर्ष, निवासी बैगा पारा, लखोली) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथी राहुल बांसफोड़ उर्फ कोंदा और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस गिरोह में तीन नाबालिग भी शामिल थे, जिन्हें भी पुलिस ने चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी किया गया सामान और वारदात में उपयोग की गई मोटरसाइकिल पहले ही थाना सोमनी के एक अन्य प्रकरण में जब्त की जा चुकी है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी गिरोह क्षेत्र में सक्रिय होकर लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में सुरगी चौकी के सहायक उप निरीक्षक हरीश तेंभुरकर, आरक्षक यशवंत साहू, चमन साहू और संतोष देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी सतर्कता और मेहनत के कारण इस गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका।
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए राहत की सांस ली है। किसानों का कहना है कि पुलिस की सक्रियता से अब वे अपने खेतों में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
सुरगी पुलिस की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है और कानून के हाथ लंबे हैं। पुलिस प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।





