कबीरधाम / पंडरिया : अनुविभाग पंडरिया क्षेत्र में इन दिनों जुआ का खेल वनांचल क्षेत्र से लेकर शहर तक संचालित हो रहा है । यह जिंदगी मौत , परिवार को घर से बे घर कर देने वाला यह खेल के संचालन करने वाले लोग भक्षक बन बैठे अधिकारियों के सह से चला रहे अपने अवैध कारोबार । जानकारी के लिए बताते चले लाखों रुपए लेकर लोग कम समय में अधिक धन अर्जित करने के इच्छा रूपी लालसा से इस जुआ का खेल के चपेट में आते जा रहे हैं ,भोले भाले लोग भी हो रहे इसका शिकार और लग रहे काल के गले । इतिहास गवाह है महाभारत से भी यह देखा जा सकता है कि जुआ सर्वनाश के अन्धकार के अलावा कुछ नहीं ।
लेकिन यहां पर किसे क्या चिंता , ज्ञात हो कि सीएम भूपेश बघेल की भेट मुलाकात अर्थात जन चौपाल में इसी जुए का खेल की शिकायत पर पूर्व थाना प्रभारी का तबादला हुआ है । कार्यवाही नहीं होने पर यह स्पष्ट बया हो रहा है कि वर्तमान थाना प्रभारी मुखबिरी सूचना तंत्र कमजोर होने की परिचायक है।
आखिर कब तक चलता रहेगा ये कारनामा अधिकारी मौन क्यों ? नेता शांत क्यों ? मामला है तो क्या आखिरकार इस खेल के चक्रव्यूह को तोड़ पाने में इतनी अश्मर्थता क्यों ? रुपयों पैसे का दाव लगाने वालों की यानी जुआ खेलने वाले छोटे छोटे गिरोह को दौड़ा दिया जाता जो किसी तालाब के किनारे या गांव नगर में हो रहा होता मात्र खाना पूर्ति कार्यवाही दिखाने के नाम से लेकिन जहां वन परिक्षेत्र और घरों में लाखों की रकम से चल रहे जुआ को पकड़े जाने का कोई दावा या कार्यवाही नहीं । इस खेल में खिलाड़ी लोगों की संख्या लगभग 50 से ऊपर और खेल में लगाए जाने वाले दाव की रकम एक करोड़ रुपए की गणना के आस पास रहता है ।
जुए का अड्डा में खेलाने वाला माला माल तो हो जाता ही होगा लेकिन वही कमिशन पाने वाले अधिकारी भी हो रहे गद गद।
अगर ड्रोन कैमरा का मदद लिया जाए तो संभवत: इस समाचार में लिखे तथ्यों को जाना सकता है ।
अब तो देखना यह है कि क्या सच में विभाग शख्ती से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में सक्षम होता है कि नहीं ।