
गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को मिले लाभ की कहानी हितग्राहियों की जुबानी।

कवर्धा, 27 जुलाई 2022। गौधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना है। यह योजना गौ-धन अर्थात गौ-पालन से जुड़े सभी लोगों के लिए आर्थिक विकास और उनके परिवार के खुशहाली को बेहतर माध्यम बना है। गौ-पालन से जुड़े गौ-पालक किसान, मजदूर, चरवाहे, से लेकर गोठान प्रबंधन समिति और गोबर से वर्मी कपोस्ट तैयार करने वाली सौकड़ों महिला स्वसहायता समूह प्रत्यक्ष रूप से लाभ कमा रही है। कबीरधाम जिले में गोधन न्याय योजना के तहत 297 में गोबर की खरीदी हो रही है। इस योजना से 5 हजार 542 गौपालक हितग्राही पंजीकृत है। इनसे से चार ऐसे हितग्राही की कहानी है, जिसके लिए गोबर सचमूच गौधन बन कर उनके सपने साकार कर रहे है। बोड़लतरा खुर्द की सहोदी कुर्रे ने गोबर बेचकर अपने बेटे के आगे की पढ़ाई के लिए लैपटॉप खरीदी की है। उदका की मंदाकनी ने गोबर बेचकर खुद के लिए व्यवसाय शुरू की है। घोठिया के दीपचंद ने गोबर बेचकर उसे हुए आमदनी को जमीन खरीदी में लगा लिया है। धमकी की ठगिया बाई को गोबर बेचकर उससे हुई आमदनी से कर्ज से मुक्ति मिली है।





