
@अजय जांगड़े
पंडरिया : नगर में राजनीतिक हलचल तब तेज हो गई जब हरिनाला निवासी नरेंद्र तिवारी ने भाजपा नेता धर्मेंद्र सिंह उर्फ़ गोलू ठाकुर पिता दिनेश ठाकुर निवासी पंडरिया के खिलाफ थाने में गंभीर शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी जमीन पर जबरन मुरम डालकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
नरेंद्र तिवारी का कहना है कि उनके पास उक्त भूमि के स्वामित्व संबंधी सभी वैधानिक दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी गोलू ठाकुर द्वारा दबाव और शक्ति का दुरुपयोग कर कब्जे की मंशा दिखाई जा रही है। तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने जमीन पर मुरम डालने का विरोध किया, तो उनके और उनके परिवार के साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।
आवेदन में तिवारी ने उल्लेख किया है कि गोलू ठाकुर ने खुलेआम कहा कि “हमारी सरकार है, हमारा विधायक है, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।” इस कथन से स्थानीय स्तर पर राजनीति में तनाव और दबंगई के आरोपों की चर्चा तेज हो गई है।शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी पंडरिया विधायक भावना बोहरा सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी दी थी। लेकिन उनकी समस्या का समाधान न होने से उन्हें अंततः थाना पंडरिया की शरण लेनी पड़ी।
नरेंद्र तिवारी ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पांच दिनों के भीतर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे परिवार सहित कबीरधाम कलेक्टर कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठने को मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थिति बिगड़ती है या कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस पूरे प्रकरण ने पंडरिया क्षेत्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। आम नागरिकों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि यदि किसी आम आदमी की जमीन पर इस प्रकार दबाव डालकर कब्जे की कोशिश हो रही है, तो आमजन की सुरक्षा और न्याय की गारंटी किस प्रकार संभव होगी। वहीं, स्थानीय प्रशासन के लिए भी यह मामला चुनौतीपूर्ण बन गया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर सत्तारूढ़ दल के नेता से जुड़ा हुआ है। प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और शिकायतकर्ता को न्याय दिलाने के लिए कौन सी कार्यवाही की जाती है।





