
पूर्व उपसरपंच अनीश देवांगन को पद से हटाया, 6 साल चुनाव पर रोक
रायपुर जिले के ग्राम अछोटा में पट्टा वितरण घोटाले ने प्रशासन को सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। पूर्व उपसरपंच व वर्तमान पंच अनीश देवांगन पर पैसे लेकर अवैध पट्टे बांटने के गंभीर आरोप सिद्ध होने के बाद एसडीएम कोर्ट ने उन्हें पंच पद से निष्कासित कर दिया। 22 पन्नों के अंतिम आदेश में उन्हें अगले 6 वर्षों तक किसी भी पंचायत या अन्य चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया गया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब ग्रामीणों ने पूर्व उपसरपंच पर पद का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत लाभ कमाने का आरोप लगाया। शिकायत में कहा गया कि अनीश देवांगन ने लोगों से रकम वसूलकर नियमों को ताक पर रखते हुए पट्टे जारी किए। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने नायब तहसीलदार को जांच सौंपी। जांच में दस्तावेजों, गवाह बयानों और सबूतों से सभी आरोप पुष्ट हो गए। रिपोर्ट एसडीएम न्यायालय पहुंची, जहां विस्तृत सुनवाई के बाद फैसला आया।
एसडीएम पीयूष तिवारी ने आदेश में स्पष्ट कहा, “पंचायत व्यवस्था के तहत उपसरपंच को पट्टा वितरण का कोई अधिकार नहीं। यह गंभीर अनियमितता है।” छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के अमल में अनीश के द्वारा वितरित सभी पट्टे अवैध घोषित कर दिए गए। अब इन्हें रद्द करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
कार्रवाई के बाद गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीण रामू कहते हैं, “लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें की जा रही थीं। अब न्याय मिला, प्रशासन पर विश्वास बढ़ा।” एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि कई परिवारों को फर्जी पट्टों से नुकसान हुआ था। यह मामला पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार रोकने की मिसाल बनेगा





