
रीच के द्वारा किया गया जिला स्तरी क्षय उन्मूलन एवं सम्मान सभा कार्यक्रम का आयोजन
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया भर से टीबी को जड से खत्म करने के लिए 2030 का लक्ष्य तय किया है. जबकि भारत ने इसी बीमारी को खत्म करने के लिए साल 2025 तक का लक्ष्य रखा गया है.
भारत के कई राज्यों ने भी अपने अपने क्षेत्र से इस बीमारी को खत्म करने का लक्ष्य तय किया था.
भारत में इस बीमारी को रोकने के लिए कई प्रोग्राम चलाये जा रहे हैं. इसमें इलाज से लेकर स्वास्थ्य और न्यूट्रिशन के लिए सरकारी मदद देना शामिल है.
रोगियों के लिए निक्षय पोषण योजना (एनपीवाई), उपचार को प्रोत्साहन देना, आदिवासी क्षेत्रों में टीबी रोगियों के इलाज के लिए आने जाने में सहयोग करना, एनपीवाई के तहत सीधे बैंक खाते में धनराशि देना (डीबीटी) जैसी योजनाएं शामिल है.
टीबी के उपचार में दवाई के साथ पोषण संबंधी मदद की भी अधिक आवश्यकता होती है। टीबी मरीजों की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होती, जिसके कारण ऐसे मरीज खाने-पीने में पोषक आहार नहीं ले पाते हैं। टीबी मरीजों के शरीर में पोषक तत्वों की कमी की वजह से उनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत ही कम होती है। जिसे लेकर सरकार टीबी मरीजों के लिये मुफ्त जांच, इलाज और दवाइयों की व्यवस्था के साथ पोषण आहार के लिये निक्षय पोषण योजना के तहत प्रत्येक माह 500 रुपए की सहायता राशि भी देती है. जो काफी कम है। इसी को लेकर सरकार द्वारा निक्षय मित्र योजना शुरू किया गया। इसके तहत एनजीओ, कॉरपोरेट सेक्टर, कई अन्य लोग और संस्थायें टीबी मरीजों को छह महीने से 3 साल तक गोद लेकर उनके लिए पोषक आहार उपलब्ध करा सकते हैं। इस मौके पर बालोद जिले के सभी ब्लाक के सरपंच, पार्षद एवं जनप्रतिनिधि , समाज सेवक जिन्होंने निक्षय मित्र बनकर मरीजों को सहयोग प्रदान किया | उसे REACH रीच सांस्था एवं एनटीईपी स्टॉफ के द्वारा सम्मानित किया गया|
कार्यक्रम में बालोद जिला NTEP स्टॉफ टीबी सरवाईबर टीबी चैम्पियन , पिरामल से मिथलेश सर, लीलेश सर एवं REACH से मुकेश कुमार श्रीवास उपस्थित रहे |





