रायपुर,छत्तीसगढ़ की नवगठित विधानसभा का पहला शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। चार दिवसीय इस सत्र को लेकर न केवल राजनीतिक गलियारों बल्कि प्रशासनिक हलकों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। विधानसभा सचिवालय ने सत्र की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं, वहीं सदन के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के संकेत भी मिलने लगे हैं।
सत्र के पहले दिन राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “छत्तीसगढ़ विकास यात्रा – विज़न @2047” पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है। इस दौरान राज्य के दीर्घकालिक विकास रोडमैप, बुनियादी ढांचे के विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती, रोजगार सृजन तथा औद्योगिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में गंभीर विचार-विमर्श होने की संभावना है। विधानसभा सचिवालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों द्वारा कुल 628 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें 333 तारांकित एवं 295 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि लगभग 96 प्रतिशत प्रश्न ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत किए गए हैं, जो विधायकों की डिजिटल प्रक्रियाओं के प्रति बढ़ती सक्रियता और तकनीकी स्वीकार्यता को दर्शाता है।
इसके अलावा सत्र के दौरान 48 ध्यानाकर्षण सूचनाएं प्रस्तुत की जाएंगी, जिनके माध्यम से जनहित से जुड़े तात्कालिक और ज्वलंत मुद्दों को सदन के संज्ञान में लाया जाएगा। वहीं, 9 अशासकीय संकल्प भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे, जिन पर चर्चा के उपरांत निर्णय की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई विधानसभा का यह पहला शीतकालीन सत्र कई दृष्टि से अहम साबित होगा। जहां एक ओर सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से भविष्य की दिशा स्पष्ट करने का प्रयास करेगी, वहीं विपक्ष द्वारा इन पर कड़े सवाल और आलोचनाएं उठाई जा सकती हैं। ऐसे में सत्र के दौरान सदन में सार्थक बहस के साथ-साथ राजनीतिक गर्माहट भी देखने को मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।