
दुर्ग/भिलाई। इस्पात नगरी भिलाई में साइबर और वित्तीय अपराधों के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। सुपेला थाना पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर एक स्थानीय निवासी से करीब 35 लाख रुपये हड़पने वाले तीन ठगों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस की यह कार्रवाई उन बढ़ते मामलों के बीच की गई है, जिनमें निवेश के नाम पर भोले-भाले लोगों को शिकार बनाया जाता है।
पीड़ित ने बताया पूरा घटनाक्रम लालच का जाल और लाखों की ठगी
पीड़ित अविनाश कुमार ने 18 नवंबर को सुपेला थाना पहुंचकर FIR दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि चंदन राव, देवेंद्र कुमार सहारे और सूर्यकांत निर्मलकर नाम के तीन युवक उनसे लगातार संपर्क में थे और उन्हें शेयर ट्रेडिंग के विशेष ‘गुप्त पैटर्न’, ‘हाई रिटर्न’ और ‘फिक्स्ड प्रॉफिट’ का भरोसा दिला रहे थे।
आरोपियों ने खुद को
निशा बिजनेस कंसलटेंसी,यूनिक इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन
नामक कंपनियों से जुड़ा बताकर भरोसा जीतने की कोशिश की। पीड़ित को बताया गया कि यदि वह निर्धारित रकम निवेश करेगा, तो 10 से 20 प्रतिशत तक का मासिक मुनाफा पक्का मिलेगा। विश्वास में आते-आते अविनाश कुमार ने करीब 35 लाख रुपये आरोपियों को अलग-अलग किस्तों में दे दिए।
लेकिन कुछ ही दिनों में सभी आरोपी मोबाइल बंद कर गायब हो गए और न निवेश वापस किया, न लाभ। तब पीड़ित को एहसास हुआ कि वह शातिर ठगों के जाल में फंस गया है।
जांच में खुला पूरा खेल, पुलिस ने दबोचे आरोपी
थाना सुपेला की टीम ने जब तकनीकी व बैंकिंग लेनदेन की जांच शुरू की तो आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। लगातार खोजबीन में सामने आया कि तीनों आरोपी लंबे समय से लोगों को शेयर बाज़ार में भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगी कर रहे थे।
पुलिस ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार किया और बताया कि वे और लोगों को भी अपने जाल में फंसाने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने उनके पास से
मोबाइल फोन,संदिग्ध रजिस्टर,कुछ बैंक एंट्री,फर्जी दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
पुलिस की चेतावनी — निवेश से पहले पूरी जांच पड़ताल जरूरी
नगर पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि यह एक सुनियोजित ठगी का मामला है। आरोपी लोगों की आर्थिक स्थिति को देखकर उन्हें ‘लुभावने रिटर्न’ का झांसा देकर पैसे ऐंठते थे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा। “किसी भी प्रकार के निवेश से पहले कंपनी की वैधता, रजिस्ट्रेशन और विश्वसनीयता की पूरी जांच करें। अनजान व्यक्तियों द्वारा दिए गए उच्च लाभ के झांसे में न आएं। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस गिरोह के और सदस्य भी सक्रिय हैं तथा क्या अन्य लोग भी ठगी के शिकार हुए हैं।





