कवर्धा, पंडरिया खण्ड अंतर्गत आने वाले ग्राम कुम्ही में एक अवैध क्लीनिक चलाने वाले झोला छाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। यह डॉक्टर कोलकाता से अल्टरनेट सर्टिफिकेट के सहारे लोगों की जान से खेल रहा है। यह डॉक्टर कोलकाता से आकर यहां सालों से इलाज कर रहा है जबकि बिना पंजीयन और सुविधाएं इसको नहीं करना चाहिए नर्सिंग होम एक्ट, 1947 और भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 के तहत यह गतिविधि अवैध है।
ग्राम लिमो में यह डॉक्टर ड्रीप और इंजेक्शन लगा रहा है और दवाएं वितरित कर रहा है, जो कानूनी नियमों का उल्लंघन है। प्रशिक्षित चिकित्सकों को भी नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीकृत होना आवश्यक है।
कानूनी उल्लंघन
– नर्सिंग होम एक्ट, 1947 के तहत अवैध क्लीनिक चलाना। – भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 के तहत योग्यता और पंजीकरण की कमी। – दवाओं का अवैध भंडारण और वितरण।
जबकि चिकित्सालय खोलने के लिए छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीकरण कराना आवश्यक है।
– भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम के तहत योग्यता और पंजीकरण आवश्यक है। – अवैध क्लीनिक को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए जाने चाहिए। – जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
लोगों की जान से खिलवाड़
यह अवैध क्लीनिक लोगों की स्वास्थ्य और जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है। तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है और ऐसे लोगों को जेल भेजना जरूरी भी है।