
रायपुर। राज्य सरकार ने धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू और निर्बाध रखने के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए संबंधित विभागों के सभी अधिकारी–कर्मचारियों के अवकाश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी के इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण काल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टरों को निर्देश— सुनिश्चित करें 100% उपस्थिति
राज्य शासन ने जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि सहकारी समितियों, मार्कफेड, राजस्व, कृषि एवं खाद्य विभाग से जुड़े समस्त अधिकारी-कर्मचारी खरीदी अवधि में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। जो कर्मचारी बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
सरकार ने कहा है कि इस वर्ष रिकॉर्ड पंजीयन हुआ है, ऐसे में खरीदी केंद्रों पर भीड़ और व्यवस्थाओं को संभालना बड़ी चुनौती है। समय पर तौल, भुगतान और बारदाना उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्टाफ का पूरी क्षमता से उपस्थित रहना आवश्यक है।
अत्यावश्यक चिकित्सा अवकाश को छोड़कर सभी अवकाश निरस्त
आदेश के अनुसार केवल गंभीर बीमारी या आपातकालीन चिकित्सकीय परिस्थिति में ही अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। अन्य सभी प्रकार के अवकाश—सीएल, ईएल, स्टेशन लीव, वीकली ऑफ—स्वतः निरस्त माने जाएंगे।
केंद्रों की निगरानी तेज—दैनिक रिपोर्ट अनिवार्य
उधर, खाद्य विभाग ने सभी जिलों से प्रतिदिन शाम तक खरीदी की प्रगति रिपोर्ट भेजने को कहा है। किसी भी तरह की समस्या आने पर अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
खरीदी सीजन की सफलता अब व्यवस्थाओं पर निर्भर
किसानों को सुव्यवस्थित खरीदी व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार के इस फैसले का स्वागत भी किया जा रहा है। अधिकारी-कर्मचारी अब लगातार मैदान में डटे रहेंगे, जिससे खरीदी में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी





