@अजय जांगड़े
कवर्धा, कबीरधाम जिला जो राज्य ही नहीं समूचे भारत देश पर ख्याति प्राप्त है चाहे वह प्रकृति अथवा राजनीति या भोरमदेव मंदिर आदि अनेक गरिमा से भरे हुए धरोहरों की ही वजह से हो।
कबीरधाम जिला के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र पर कार्यालय जनपद पंचायत पंडरिया में समझदार निरीक्षण करने वाले अधिकारी वर्षों से नहीं है।
अधिकारी के पद उड़न खटोला जैसे लोग तो बैठ जाते हैं पर उन्हें अपने कार्य करने का ही ज्ञान नहीं है। वे कभी अपने अधीनस्थ कार्यालय के शाखाओं का जायजा नहीं लेते, जायजा नहीं लेने का निष्कर्ष है कि अव्यवस्था का आलम।
शिक्षा का अभाव भी होना इस तरह की कार्य कुशलता का प्रतीक माना जाता है।
लगभग पूरे आठ वर्ष होने को है पर नागरिक सूचना पटल पर सरकार की योजनाओं को प्रदर्शित किए जाने वाले पटल पर कोई सुधार नहीं हुआ।
अज्ञानता वश अधिकारी आम जनता को दे रहा भ्रामक जानकारी
नागरिक सूचना पटल पर भ्रामक जानकारी जनपद पंचायत पंडरिया के अधिकारी का नाकामी को दर्शाता है।
नागरिक सूचना पटल पर आज भी लिखा है लगभग आठ साल पुराने जनपद पंचायत अधिकारी बीना दीक्षित का नाम जिससे आम जनता को जनपद पंचायत पंडरिया की लगी बोर्ड पर बीना दीक्षित पढ़ता है फिर कार्यालय के अंदर लिखा होता है तरुण कुमार बघेल सी ई ओ जिससे लोग गुमराह हो जाते हैं और सोचने लगते हैं कि यह अधिकारी महिला है या पुरुष क्योंकि एक ही कार्यालय में दो नाम आखिर कौन है जनपद पंचायत पंडरिया का अधिकारी।
मसला यही नहीं खत्म होता जनपद पंचायत पंडरिया के आस पास कार्यालय परिसर क्षेत्र में कचड़ा, गंदगी का भयावह आलम बना हुआ है। आखिर कब मिलेगा समझदार और साफ सुथरे रखने वाले पंडरिया ग्रामीण क्षेत्रों का विकास में सहभागिता सुनिश्चित करने वाले अधिकारी।
जिला प्रशासन को इस तरह के अधिकारी के ऊपर शख्त कार्यवाही करते हुए उनके सर्विस बुक पर आपत्ति दर्ज करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर सुधार किए जाने संबंधी ठोस कदम उठाने की आवश्यकता।






