
धरना स्थगित, पर संघर्ष जारी: तीन माह में आदेशों के पालन की कसौटी
चुनेश साहू । धमतरी
गंगरेल बाँध से प्रभावित डूबान परिवारों का गांधी मैदान में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय मंत्रालय स्तर पर प्राप्त निर्देशों के आधार पर लिया गया है और इसे प्रशासन को दिया गया एक स्पष्ट एवं समयबद्ध अवसर माना जाना चाहिए। 25 फरवरी 2026 को मंत्रालय में हुई बैठक के दौरान विशेष सचिव (राजस्व) ने कलेक्टर, धमतरी को दूरभाष पर निर्देशित किया तथा प्रकरण को लिखित रूप से मार्क करते हुए माननीय High Court of Chhattisgarh द्वारा पारित आदेश—WPC No. 5575/2008 एवं WPC No. 3055/2016 (आदेश दिनांक 16.12.2020)—का नियमानुसार पालन तीन माह के भीतर सुनिश्चित करने को कहा। यह निर्देश डूबान प्रभावितों की वर्षों पुरानी मांगों और लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक की जानकारी गांधी मैदान में उपस्थित आंदोलनकारियों को दी गई। तत्पश्चात तहसीलदार धमतरी धरना स्थल पर पहुँचे और विशेष सचिव के निर्देशों से सभी को अवगत कराया। इसके उपरांत समिति द्वारा कलेक्टर, धमतरी के नाम एक औपचारिक ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से सौंपा गया, जिसमें न्यायालयीन आदेशों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी पालन की अपेक्षा दर्ज की गई। उसी दौरान सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जीवराखन मरई भी डूबान प्रभावितों के समर्थन में उपस्थित रहे। ज्ञापन सौंपे जाने के समय वे प्रतिनिधिमंडल के साथ खड़े रहे तथा मंत्रालय में विशेष सचिव के समक्ष डूबान वासियों की मांगों को प्रमुखता से रखे। समिति की प्रमुख मांगें स्पष्ट हैं—
माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पूर्ण एवं समयबद्ध पालन तथा सभी पात्र भूमिहीन डूबान प्रभावित परिवारों को आरक्षित भूमि से प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक कृषि भूमि का आवंटन।समिति ने कहा है कि तीन माह की निर्धारित अवधि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जवाबदेही की वास्तविक परीक्षा होगी। यदि इस अवधि में जमीनी स्तर पर ठोस कार्यवाही प्रारंभ होती है, तो इसे सकारात्मक कदम माना जाएगा। अन्यथा आंदोलन पुनः लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से प्रारंभ किया जाएगा। यह जानकारी हरीशंकर मरकाम कार्यकारी अध्यक्ष ने दिए हैं

चुनेश साहू 7049466638





