
धमतरी/रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में धमतरी जिले के राजस्व और पंचायत विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला प्रमुखता से उठा। विधायक ओंकार साहू ने सदन में कड़े सवाल दागते हुए जिला पंचायत धमतरी में पदस्थ संविदा सहायक परियोजना अधिकारी (APO) की नियुक्ति पर गंभीर सवाल खड़े किए। विधायक ने साक्ष्यों के साथ बताया कि APO ने कूटरचित निवास प्रमाण पत्र के आधार पर वर्ष 2011 में यह पद हासिल किया था। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जिस राजस्व प्रकरण क्रमांक का हवाला देकर निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया, वह तहसील कार्यालय के रिकॉर्ड में किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है। इस मामले मे कलेक्टर द्वारा गठित जांच दल ने कार्य किया है, लेकिन पुलिस जांच का हवाला देते हुए अब तक ठोस कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया गया है, यह संविदा कर्मचारी के लिए सफेदपोश और अफसरशाही रवैया भारी है,वहीं विभाग ने भी संविदा एपीओ को बचाने में लगे हुए हैं।
राजस्व विभाग में जमीनों की बंदरबांट का मामला भी सदन में चर्चा का केंद्र रहा। विधायक ने रायपुर, बालोद और धमतरी जिलों में कोटवारी और आदिवासी वर्ग की संरक्षित भूमि को नियमों के विरुद्ध गैर-आदिवासियों को बेचने के बड़े अनियमितताओं का पर्दाफाश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2018-19 से अब तक कई प्रकरणों में कलेक्टरों द्वारा विधि-विरुद्ध अनुमतियां जारी कर सरकारी और आरक्षित जमीनों का क्रय-विक्रय कराया गया है। शासन से मांग की गई है कि ऐसी जमीनों को तत्काल शून्य घोषित कर पुनः शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए और इस खेल में शामिल दलालों व अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए।
वहीं, नगर पंचायत भखारा में हाट बाजार के लिए आरक्षित शासकीय आबादी भूमि में पटवारियों की संलिप्तता से हुए बड़े घपले ने सभी को चौंका दिया। शिकायतकर्ता की शिकायत पर हुई जिला स्तरीय जांच में पटवारियों द्वारा रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर रकबा बढ़ाने और अवैध पंजीयन कराने की पुष्टि हुई थी। तत्कालीन कलेक्टर ने फरवरी 2023 में ही दोषियों के निलंबन और FIR के निर्देश दिए थे, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाता है। विधायक ने शासन का ध्यान इस ओर भी खींचा कि कुछ निजी व्यक्ति न्यायालय के स्थगन आदेश का गलत हवाला देकर पटवारियों की विभागीय जांच को रुकवा रहे हैं, जबकि स्थगन केवल भूमि के मालिकाना हक से संबंधित है।
साथ ही मगरलोड तहसील में पदस्थ तहसीलदार और पटवारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग की शिकायतों ने भी माहौल गरमा दिया है। विधायक ने सदन को बताया कि मगरलोड में आरबीसी 6-4 (आपदा राहत राशि) घोटाले और फर्जी रजिस्ट्री के माध्यम से ऋण पुस्तिका जारी करने वाले पटवारियों को संरक्षण दिया जा रहा है। ग्राम लौडेर, सौंगा, हल्दी और बेलौदी जैसे क्षेत्रों में विवादित आदेशों के माध्यम से आदिवासी भूमि के स्वरूप में परिवर्तन किया गया है। विधायक ओंकार साहू ने मांग की है कि इन सभी प्रकरणों की उच्चस्तरीय जांच समय-सीमा के भीतर कराई जाए और शासकीय भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए दोषी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
ओंकार साहू ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के फरवरी–मार्च 2026 बजट सत्र में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराते हुए कुल 56 महत्वपूर्ण प्रश्न सदन के पटल पर उठाए। उन्होंने विभिन्न विभागों में व्याप्त अनियमितताओं, योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय पारदर्शिता, किसानों, युवाओं, दिव्यांगजनों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सदन में रखा।
विधायक साहू ने महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत “दिशा दर्शन / दिशा भ्रमण” कार्यक्रम, धान उठान में अनियमितता एवं फर्जी रसीद, समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों में सामग्री क्रय, फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी, मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी, वन विभाग में स्वीकृत पदों की स्थिति, ओवरलोडिंग व परिवहन अनियमितता, जल जीवन मिशन की जांच, नगर निगमों में डीज़ल उगाही, स्वच्छ भारत मिशन के यूजर चार्ज उपयोग सहित अनेक विषयों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना, 2 प्रतिशत टीडीएस कटौती, जेलों में मूलभूत सुविधाएं, कौशल विकास के बाद रोजगार, रायगढ़ भर्ती घोटाले की जांच, एकलव्य विद्यालय शिक्षकों के समायोजन, बीज निगम में बोनस भुगतान, धान बीज उत्पादकों के लंबित भुगतान, दिव्यांगजनों को ऋण वितरण, फॉरेंसिक विभाग की कार्यवाही, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच जैसे विषयों को भी प्रमुखता से उठाया।
धमतरी सहित रायपुर व बलौद जिलों में भूमि संबंधी अनियमितता, भ्रष्टाचार की जांच, बस्तर में निवास प्रमाण पत्र, नगर पंचायत भखारा की शासकीय भूमि, मध्याह्न भोजन योजना के डाटा एंट्री ऑपरेटरों की मांग, औद्योगिक अनुदान, पेयजल योजनाएं, सरस्वती साइकिल योजना की गुणवत्ता, डीएमएफ कार्यों की प्रगति, स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थिति, छात्रवृत्ति योजनाएं, पर्यटन विकास, मछली पालन योजनाएं, सांस्कृतिक आयोजनों पर व्यय, धान खरीदी, गौण खनिज रॉयल्टी, विभागीय प्रचार-प्रसार व्यय, डेम-तालाब मरम्मत, खिलाड़ियों की सुविधाएं, भवन निर्माण उपकर, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, पीएमजीएसवाई में ऑडिट आपत्तियां, पंचायत विभाग में फर्जी प्रमाण पत्र, राजपुर में स्वास्थ्य सहायता, ग्राम पंचायत निर्माण अनियमितता, कृषि भूमि की अवैध प्लाटिंग, कृषि उपकरण खरीदी, पशुपालन विभाग में दवा-टीका खरीदी तथा दुग्ध संग्रहण केंद्रों की शिकायतों जैसे विषयों पर भी सरकार से जवाब मांगा।
विधायक ओंकार साहू ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल प्रश्न पूछना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाना जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है।
इसके साथ ही उन्होंने धमतरी विधानसभा क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए विभिन्न मांगें भी सदन के पटल पर रखीं, ताकि क्षेत्र में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क एवं रोजगार के क्षेत्र में ठोस प्रगति सुनिश्चित हो सके।
अंत में विधायक साहू ने कहा कि वे आगे भी जनहित के मुद्दों को सदन में पूरी मजबूती के साथ उठाते रहेंगे और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है |
चुनेश साहू 7049466638
9111988965





