hindmedianews
Breaking News
छत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूज़

आचार संहिता की आड़ में अवैध प्लॉटिंग का खेल….कृषि भूमि की रेरा या टाउन प्लानिंग से अनुमति जरूरी राजस्व मंत्री

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

आचार संहिता की आड़ में शहर में बड़े पैमाने पर कब्जे और अवैध प्लाटिंग की बदस्तूर जारी है। आचार संहिता जारी है, बावजूद इसके भू माफिया कृषि भूमि में मुरूम का रोड बिछा कर प्लॉट काट कर बेच रहे हैं, यह खेल जिला प्रशासन मुख्यालय के 2,3 किलोमीटर इर्द गिर्द, में चल रहा है ताजा मामला लक्ष्मी निवास के गोकुलपुर के आसपास का है।


शहर सहित गांवों की कीमती जमीनों पर इन दिनों प्रॉपर्टी डीलर्स की नजर गड़ी हुई है। शहर में अवैध प्लाटिंग कर जमीन की खरीद फरोख्त का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। लोग खुद के आशियाने की उम्मीद में नियमों की अनदेखी कर जमीन खरीद रहे हैं। अवैध प्लाटिंग के मसले पर कोई ठोस कार्रवाई जिला प्रशासन की ओर से अब तक नहीं की जा रही बल्कि निगम के कुछ कर्मचारियों के सहयोग से भू माफिया अपनी चढ़ावा चढ़ा कर भेंट पूजा में लगे हुए हैं।

शहर की आबादी दिनो दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में लोग अब खुद के आशियाने के लिए जमीन की खाक छान रहे हैं। प्रॉपर्टी डीलर्स इसका बेजा फायदा उठा रहे हैं। डीलर्स पहले तो गांव सहित शहर की जमीन का खरीद फरोख्त करते हैं। इसके बाद किसानों से खरीदी गई कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग की जाती है और उसे बेच दिया जाता है। मोटी कमाई के के लिए दलाल सारे नियम कायदों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। शहर में जमीन की खरीदी बिक्री हर दिन हो रही है। ज्यादातर जमीन डीलर्स के माध्यम से ही बिक रहे हैं। बिना डायवर्सन के बेचे जा रहे प्लाट को खरीदने वाले भी बाद में परेशानी में फंस रहे हैं।

कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग

शहर के मुख्य प्रशासनिक मार्ग के इर्द गिर्द,में इन दिनों कृषि भूमि को अवैध प्लाटिंग कर बेजा जा रहा है। पिछले कई वर्ष से यह सिलसिला जारी है। शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से कृषि भूमि खरीदी जाती है और बाद में प्रॉपर्टी डीलर्स इसे प्लाटिंग कर बेच देते हैं। जबकि प्लाटिंग और कॉलोनी संबंधी कार्य के लिए कॉलोनाइजर के पास प्लाटिंग की खरीदी बिक्री का लाइसेंस होना अनिवार्य होता हे। ग्रामीण इलाकों के किसानों की कृषि भूमि को ज्यादा पैसे देकर खरीद ली जाती है। भूमि की खरीदी के बाद अवैध प्लाटिंग किया जाता है और उसे बेचा जाता है। औने-पौने दाम में खरीदे गए भूमि को कॉलोनी बनाए जाने के नाम पर बड़ी कीमत में बेचा जाता है। यह खेल शहर समेत आसपास के गांव में अवैध प्लाटिंग का धंधा जोर-शोर से चल रहा है।

लाखों रुपए का राजस्व चोरी
अवैध प्लाटिंग के जरिए हर वर्ष लाखों रुपए की राजस्व चोरी की जाती है। अवैध प्लाटिंग के जरिए कृषि भूमि को रहवासी क्षेत्र के लिए बेच दिया जाता है। वर्तमान में चल रहे अवैध प्लाटिंग करने वाले अब समूहों में कार्य करने लग गए हैं, जिससे राजस्व को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। डायवर्सन किए बगैर बिना अनुमति के मकान बनाने वालों पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन सुस्त कर्मियों के चलते भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

 

 

 भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने बताया कि वित्त मंत्री ओपी चौधरी और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने विधानसभा में घोषणा की कि अब 5 डिसमिल से ऊपर कृषि भूमि की रेरा या टाउन प्लानिंग से अनुमति लिए बिना प्लॉट काटने और बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में रजिस्ट्री को प्रतिबंधित करने के लिए एक माह के भीतर नए नियम लागू किए जाएंगे। इन नियमों को केबिनेट से मंजूरी लेने के बाद विधानसभा में लाया जाएगा। मूणत ने कहा कि इस मामले में सरकार ने पांच साल पहले डॉ. रमन सिंह सरकार के समय बने नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है, जिनमें अवैध प्लाटिंग करने वालों को जेल भेजने का भी प्रावधान है। विधानसभा में शून्यकाल के दौरान अवैध प्लाटिंग पर चर्चा में भाग लेते हुए मूणत ने कहा कि प्रदेश के हजारों लोग बिना वैध लेआउट या अनुमति के कृषि भूमि खरीद चुके हैं, जिससे उन्हें बिजली, पानी, या नक्शा पास जैसी सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे मामलों में अवैध प्लाटिंग करने वाले लोग बड़ी रकम कमा लेते हैं, लेकिन खरीददार जीवनभर समस्याओं का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस संबंध में कानूनों को लागू करती है तो यह पूरे प्रदेश में अवैध प्लाटिंग को रोकने में मदद करेगा और लोगों को राहत मिलेगी। इस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जवाब दिया कि पहले लैंड रेवेन्यू कोर्ट में 5 डिसमिल से छोटी रजिस्ट्री के मामलों में नामांतरण का प्रावधान था, लेकिन पिछली सरकार ने इसे समाप्त कर दिया, जिससे अवैध प्लाटिंग का सिलसिला बढ़ गया। उन्होंने कहा कि अब नए नियमों के तहत रेरा की अनुमति या टाउन प्लानिंग की प्रक्रिया के बिना बनाई गई अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री को प्रतिबंधित किया जाएगा।

 

 

 

चुनेश साहू 7049466638

संबंधित पोस्ट

किसान पोर्टल पर पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द और अरहर बेचने के इच्छुक किसानों को

Chunesh Sahu

छत्तीसगढ़ में नई जमीन गाइडलाइन पर सियासी घमासान जनता की नब्ज टटोलने में जुटी सरकार, 

Sakshi Bansod

जिले में जल एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु किए जा रहे कार्य सराहनीय-राज्यपाल श्री रमेन डेका

Chunesh Sahu

गुंडरदेही में नए प्रेस कार्यालय का भव्य शुभारंभ: मुख्य अतिथि सपना माघवानी और हनु नायक ने काटा फीता

Chunesh Sahu

अवैध रूप से अतिक्रमण व जुताई करते 02 नग ट्रेक्टर जप्त किया गया

hindmedianews

मतदान केंद्रों में मोबाइल फोन एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध

hindmedianews