
यूँ तो दुनिया में कई कलाकार हैं और अपने कलाकारी से लोगों को अचरज में डाल देते हैं। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला में भी ऐसी ही एक कलाकार हैं जिसे छत्तीसगढ़ के पहले माइक्रो आर्टिस्ट के रूप में पहचान मिली है। सिहावा अंचल के इस युवा का नाम भानुप्रताप कुंजाम है जो अपने अलग ही कला के नाम से पहचाने जाते हैं।
माइक्रो आर्टिस्ट भानुप्रताप कुंजाम ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर चॉक पर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा उकेरी है। कुंजाम चॉक पर ही नहीं पेंसिल की नोक पर भी महीन कलाकारी करने में माहिर हैं।
ज्ञात हो कि भानुप्रताप इससे पहले भी कई महापुरुषों, मसहूर हस्ती और समसामयिक विषयों पर निरन्तर कलाकृतियाँ उकेर कर लोगों के बीच आकर्षण का केन्द्र बन चुके हैं। उनके नाम दुनिया की सबसे छोटी शिवलिंग बनाने का रिकॉर्ड भी है जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। जिसे छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री. भूपेश बघेल ने सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया था। इसके अलावा चाक पर छत्तीसगढ़ की भौगोलिक नक्शा, प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदीजी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी, पूर्व राज्यपाल अनुसुईया उइके जी, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जी, अमिताभ बच्चन जी, गाँधी जी, शास्त्री जी, दशरथ मांझी जैसे कई नामचीन चेहरों के प्रतिमा उकेरी है साथ ही पेंसिल की नोक पर दुनिया की सबसे छोटी रामचंद्र जी, बुढ़ादेव , गणेश जी की प्रतिमा उकेर कर लोगों के बीच अलग ही पहचान बनायी है।
माइक्रो आर्टिस्ट के रूप में भानुप्रताप की पहचान तो है ही साथ में धमतरी जिला के सबसे युवा लेखकों में अपनी पहचान बना रहे हैं और हाल ही में अपनी पहली किताब (उपन्यास) लिखकर लोगों के बीच काफी चर्चित भी हुए।





