
कवर्धा, 3 मई 2026।
जिला कबीरधाम में एक बारात कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद हिंसक रूप ले बैठा और एक युवक की जान चली गई। इस गंभीर मामले में कबीरधाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 3 विधि के विरुद्ध संघर्षरत किशोरों को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना पण्डरिया क्षेत्र के ग्राम सरईसेत में 15 अप्रैल 2026 को एक बारात कार्यक्रम के दौरान आपसी विवाद उत्पन्न हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ लोगों ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में मुकेश साहू (18 वर्ष), निवासी ग्राम चंदली, थाना नालपुर, जिला मुंगेली गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद थाना लोरमी से प्राप्त मर्ग डायरी के आधार पर थाना पण्डरिया में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और पहचान परेड की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
लवेश कुमार धुर्वे (30 वर्ष), ओमप्रकाश उर्फ मोनू धुर्वे (19 वर्ष), नारायण सिंह धुर्वे (46 वर्ष), राहुल कुमार धुर्वे (22 वर्ष), अजय धुर्वे (23 वर्ष) और हरेन्द्र कुमार धुर्वे (20 वर्ष) — सभी निवासी ग्राम सरईसेत, थाना पण्डरिया, जिला कबीरधाम।
इसके अलावा जांच में 3 किशोरों की संलिप्तता भी सामने आई, जिन्हें विधि अनुसार निरुद्ध किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के मेमोरण्डम कथनों के आधार पर घटना में प्रयुक्त सामग्री भी जब्त कर ली है। साथ ही घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं।
इस पूरे मामले में पुलिस द्वारा तेजी और पेशेवर तरीके से कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली है। फिलहाल प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस की अपील:
कबीरधाम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में आपसी समन्वय और शांति बनाए रखें। विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर कानून का सहारा लें और हिंसा से बचें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





