
खैरागढ़,
देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में भाजपा नेत्री वंदना टांडेकर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय बताया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
वंदना टांडेकर ने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ हुआ है, जिसका देशभर की महिलाओं को लंबे समय से इंतजार था। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से इस आरक्षण के लागू होने के बाद देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने आगे कहा कि जब महिलाओं की संख्या संसद और विधानसभाओं में बढ़ेगी, तो नीति निर्माण में उनकी भूमिका और भी प्रभावशाली होगी। इससे न केवल महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
टांडेकर ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा सीटों में वृद्धि और परिसीमन जैसे प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व में कमी न आए और महिलाओं को अतिरिक्त अवसर प्राप्त हों।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस महत्वपूर्ण विषय पर भी भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि यह कानून देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प को यह पहल और मजबूत करेगी। महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
अंत में वंदना टांडेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में महिलाओं की भागीदारी निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं न केवल राजनीति में बल्कि हर क्षेत्र में नेतृत्व करती नजर





