
प्रतापपुर/सूरजपुर:- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाए गए नियमों की अनदेखी का एक मामला जनपद पंचायत प्रतापपुर में सामने आया है। यहां ग्राम पंचायत बड़वार के जनसूचना अधिकारी द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश के बाद भी आवेदक को जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बड़वार निवासी फजल मोहम्मद ने दिनांक 19 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया था। नियमानुसार 30 दिनों के भीतर जानकारी उपलब्ध कराना जनसूचना अधिकारी की जिम्मेदारी होती है, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद आवेदक को कोई जानकारी नहीं दी गई।
जानकारी न मिलने पर आवेदक ने जनपद पंचायत प्रतापपुर में प्रथम अपील दायर की। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी जनपद पंचायत प्रतापपुर द्वारा आदेश जारी करते हुए ग्राम पंचायत बड़वार के जनसूचना अधिकारी को 15 दिनों के भीतर आवेदक को समस्त जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इसके बावजूद अब तक आवेदक को सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि संबंधित जनसूचना अधिकारी द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश की भी अवहेलना की जा रही है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत संबंधित जनसूचना अधिकारी पर प्रतिदिन 250 रुपये के हिसाब से अधिकतम 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही सूचना के अधिकार कानून का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जनपद पंचायत प्रतापपुर प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या आवेदक को समय पर जानकारी मिल पाती है या नहीं।





