hindmedianews
Breaking News
अन्यछत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूज़

एक भ्रष्ट ठेकेदार पर प्रशासन मेहरबान….. इतना गुणवताहीन कार्य कि सड़क पूर्ण होते होते शुरू हो जाती है मरहम पट्टी लगाने का कार्य… पढ़िए पूरी ख़बर

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

 

बालोद —

छत्तीसगढ के बालोद जिला में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर हैं जहां करोड़ों के निर्माण कार्यों में निर्माण के एक वर्ष बाद ही जंग लगना प्रारंभ हो चुका है….. ज्ञात हो कि गुरुर से सनोद सड़क राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है जहां पूर्व में वर्ष 2017मे सड़क निर्माण का कार्य प्रारम्भ किया गया जो कि सड़क लगभग 2019 में बनकर तैयार हुआ था जो भारी भ्रष्टाचारी और गुणवत्ताहीन कार्य के चलते एक वर्ष में ही टूट फूट हो गया, जिसे, पुनः लगभग 2022 में टेंडर किया गया जिसमें उसी भ्रष्ट ठेकेदार को पुनः कार्य दे दिया गया…. आलम यह है कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी यह सड़क बनने के महज़ छः माह बाद ही भ्रष्टाचार की परत दर परत चढ़ना शुरू हो गया है। जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कि आखिर उक्त ठेकेदार पर प्रशासन मेहरबान क्यों है….?.?.

 

बालोद जिले के अंतर्गत विकासखण्ड गुरुर से सनौद रोड़ का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में लगभग 10 से 11 करोड़ की लागत राशि से निर्माणकार्य किया गया था । यह सड़क निर्माण के प्रथम वर्ष से ही सड़क जो है छति ग्रस्त होना ,प्रारम्भ हो गयी थी?जिसे लगातार मरमत कार्य करने के बाद भी सड़क आवागमन के लायक नहीं था पी डब्लू विभग के अधिकारी को समाचार के माध्यम से और छेत्र के जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अवगत कराया गया था।सड़क की लगातार जांच भी किया गया,परन्तु जांच में विभाग के मिली भगत के चलते यह सड़क की आयु कम होते होते लगभग समाप्ति की ओर बढ़ गई,अगर हम सड़क कि गुणवत्ता पर विचार करें तो सड़क कि आयु 10 वर्ष की लेतें हैं ,तो प्रति वर्ष सड़क की कीमत 1 करोड़ आती है!3 वर्ष की अंदर ही सड़क पूंर्णनिर्माण की जरूरत पड़ गयी। ठेकेदार की घटिया निर्माण चलते सड़क की समय अवधि 7 वर्ष कम हो गई अर्थात शासन को 7 करोड़ रूपये का नुकसान हुआ !जो गरीब जनता टेक्स है। इसके बावजूद शासन द्वारा उक्त फर्म के विरुद्ध शासन कार्यवाही,7 करोड़ का जुर्माना लगाना चाहिए था या पंजीयन रदद् करना था।ये दोनों कार्यवाही ना करना कई प्रकार का सन्देह के घेरे में?विभाग द्वारा उक्त फर्म को 30 करोड़ की धनराशि से उक्त मार्ग को पुनर्निर्माण का ठेका सम्बन्धित ठेकेदार को दिया जाना समझ से परे है, 30 करोड़ राशि से 2022 में फिर से इस सड़क निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया,सड़क को लगभग चार माह भी नही हुवा,यह सड़क की हालत की आप अपने आँखों से देख सकते हैं,ऐसे घटिया निर्माण किया गया की सड़क फिर से टूट गया आप यदि गुरुर ब्लॉक के अरमरी से धनेली,वहीँ कंवर,परसुली से दियाबाती,मार्ग और तो और गुरुर से बड़भूम मार्ग को आप देखे तो आप समझ सकते हैं यह मित्तल कंट्रक्शन का शानदार सड़क निर्माण कार्य ,शासन प्रसासन की मिली भगत के चलते करोडों कार्य भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गया।

बहरहाल देखना होगा कि मामले में ज़िम्मेदार अधिकारी क्या क़दम उठती है…?.?.?

 

बालचरण साहू 7587762322

संबंधित पोस्ट

जिला पंचायत के सामान्य सभा में जिला पंचायत विकास योजना से वर्ष 2021-22 में होने वाले कार्य का हुआ अनुमोदन ।

hindmedianews

10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा: शिक्षा विभाग ने प्रश्न पत्रों के वितरण की प्रक्रिया शुरू की, जारी किया ये आदेश

Sakshi Bansod

Chunesh Sahu

**धरती आबा जनभागीदारी अभियान: ग्राम खड़मा और रतावा में शिविरों का सफल आयोजन, ग्रामीणों को मिला बहुआयामी लाभ**

Chunesh Sahu

*अतुल जायसवाल को बनाया गया भारतीय जनता पार्टी मंडल वाड्राफनगर का मंत्री कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल।*

Chunesh Sahu

अग्निवीर की ट्रेनिंग पूरा करके घर लौटे भूपेश तारम,, उमड़ पड़ा पुरा गांव सम्मान में*

Chunesh Sahu