
छत्तीसगढ़ में सरकारी फ्लैट लेने की आय सीमा खत्म
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आवास नीति में बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करते हुए सरकारी फ्लैट लेने पर लगी आय सीमा को पूरी तरह खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि बदलते शहरी ढांचे और बढ़ती आवासीय जरूरतों को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक था।
कैबिनेट के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि अब किसी भी आय वर्ग का व्यक्ति—चाहे वह शासकीय कर्मचारी हो, निजी क्षेत्र में हो या किसी कार्पोरेट कंपनी से जुड़ा हो—सरकारी फ्लैट लेने के लिए पात्र होगा। इससे आवासीय परियोजनाओं की मांग बढ़ेगी और शहरों में सुव्यवस्थित आवास विस्तार संभव होगा।
किसे मिलेगा फायदा?
अब कम, मध्यम और उच्च आय वर्ग के सभी लोग सरकारी फ्लैट ले सकेंगे ,सरकारी कर्मचारी आय सीमा के बगैर आवेदन कर पाएंगे । निजी कंपनियों के कर्मचारी, प्रोफेशनल्स और कॉर्पोरेट सेक्टर के लोग भी पात्र ,रियल एस्टेट और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में गति आने की संभावना
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सूत्रों के अनुसार, कई वर्षों से आय सीमा के कारण बड़ी संख्या में आवेदक बाहर रह जाते थे, जिससे सरकारी आवास योजनाओं में फ्लैट खाली रह जाते थे। अब आय सीमा हटने से परियोजनाओं की आर्थिक उपयोगिता बढ़ेगी और सरकार को भी बेहतर राजस्व मिलेगा।
क्या होंगे अगले कदम?
आवास विभाग जल्द ही नई पात्रता गाइडलाइन जारी करेगा फ्लैटों की बिक्री, कीमत और आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल से सुगम होगी। बड़े शहरों—रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, कोरबा—में नए आवास प्रोजेक्ट तेज होने की संभावना
निष्कर्ष
साय सरकार के इस फैसले को आवासीय क्षेत्र में बड़ा संरचनात्मक सुधार माना जा रहा है। इससे न केवल आम नागरिकों को विकल्प मिलेंगे बल्कि सरकारी हाउसिंग सेक्टर भी सक्रिय होगा।





