
वृंदावन से आए कथावाचक पंडित आशुतोष चैत्तन्य द्वारा तखतपुर क्षेत्र में आयोजित कथा कार्यक्रम के दौरान सतनामी समाज पर दिए गए कथित अपमानजनक वक्तव्यों ने प्रदेश की सामाजिक फिजाओं को गर्मा दिया है। बहुजन समाज पार्टी छत्तीसगढ़ इकाई ने इस टिप्पणी को “असभ्य, आपत्तिजनक और सामाजिक सौहार्द पर सीधा हमला” करार देते हुए कड़ी निंदा की है।
पार्टी ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी करोड़ों अनुयायियों के आत्मसम्मान, समानता और भाईचारे के प्रतीक हैं। ऐसे महान समाज सुधारक के प्रति अवमानना न सिर्फ सतनामी समाज का अपमान है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सद्भावना पर चोट है। बसपा ने प्रशासन पर दबाव बनाते हुए स्पष्ट मांग रखी कि कथावाचक के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए और गिरफ्तारी कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति संतों-गुरुओं का अपमान करने की हिम्मत न कर सके।
पार्टी ने कार्यक्रम आयोजकों की भूमिका की जांच की मांग भी की है, ताकि यह पता चल सके कि मंच उपलब्ध कराने वालों की क्या मंशा थी और क्या यह सुनियोजित प्रयास था।
बसपा ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर किसी भी समाज और विशेषकर सतनामी समाज के स्वाभिमान को ठेस पहुँचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पार्टी ने शासकीय तंत्र से आग्रह किया कि सामाजिक समरसता को बिगाड़ने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था को मजबूती प्रदान करें।
बहुजन समाज पार्टी ने अंत में साफ कहा कि वह हर स्तर पर सतनामी समाज समेत सभी वर्गों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।





