
धमतरी/मगरलोड।
धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड में नेपाली मोमोज खाने से अचानक 18 लोगों के बीमार पड़ जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। भैंसमुंडी, बेलरदोना, मगरलोड, मेघा, अरौद, खैरझिटी, गिरौद, भौथीडीह और जामली गांवों में यह मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में दहशत और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है।
बीमारों में 13 बच्चे और 5 वयस्क शामिल हैं। सभी मरीजों में तेज़ पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण पाए गए, जिसके बाद घबराए परिजनों ने उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया। देर रात तक स्वास्थ्य अमले द्वारा गांवों में दवा वितरण और लक्षणों की निगरानी की जाती रही।
मोमोज बेचने वाले फेरी वाले पर संदेह
सूत्रों के अनुसार, एक नेपाली फेरी वाला बीते कई दिनों से गांव-गांव घूमकर मोमोज बेच रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों में मोमोज को लेकर क्रेज ज्यादा था और शाम के समय कई लोग उससे मोमोज खरीदकर खा रहे थे।
लेकिन कुछ घंटे बाद ही कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और एक साथ इतने लोगों के बीमार पड़ने से अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उस फेरी वाले द्वारा इस्तेमाल की जा रही सामग्री और स्वच्छता पर कभी ध्यान नहीं दिया गया। कई बार लोगों ने संदेह भी जताया था, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन हरकत में, नमूने जब्त — जांच शुरू
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तत्काल फेरी वाले को मोमोज बेचने से रोक दिया है।
साथ ही बिक्री की सामग्री, इस्तेमाल किए गए तेल-मसालों और मोमोज के नमूनों को परीक्षण हेतु लैब भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में जागरूकता अभियान शुरू करते हुए लोगों से सड़क किनारे और अस्वच्छ तरीके से बनाए गए खाद्य पदार्थ न खाने की अपील की है।
उपचार जारी, स्थिति पर नजर
डॉक्टरों के मुताबिक अधिकांश मरीजों की हालत फिलहाल नियंत्रण में है, जबकि कुछ बच्चों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मरीजों की स्थिति पर निगरानी रखे हुए है।
ग्रामीणों में रोष — सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि बिना लाइसेंस और बिना जांच के बाहरी खाद्य सामग्री बेचने वालों पर कार्रवाई जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल प्रशासन अलर्ट मोड पर है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।





