
रायपुर। राजधानी समेत पूरे छत्तीसगढ़ में नवंबर की शुरुआत से ही लगातार बढ़ रही ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने गुरुवार देर शाम प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा जैसे प्रमुख जिलों में तापमान में अचानक आई गिरावट ने लोगों को दिसंबर जैसी ठिठुरन का अहसास करा दिया है।
रायपुर में पारा 11 डिग्री के करीब, सुबह की धुंध ने बढ़ाई मुश्किलें
राजधानी रायपुर में बुधवार रात से तापमान तेज़ी से नीचे गिरकर 11–12 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया। सुबह के समय घनी धुंध के कारण दृश्यता कम हो गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और स्कूल-कॉलेज के छात्रों को ठंड और धुंध दोनों का सामना करना पड़ा।
बिलासपुर, अंबिकापुर, कोरिया में शीतलहर की स्थिति
उत्तर छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया है। अंबिकापुर, कोरिया, सरगुजा और जशपुर में रात के समय शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। ठंड बढ़ने से स्थानीय बाजारों में ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ गई है।
मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवाओं के दबाव के चलते ठंड में अचानक वृद्धि देखी जा रही है। विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए पीला अलर्ट जारी किया है और नागरिकों से रात के समय आवश्यक रूप से गर्म कपड़े पहनने तथा सुबह के समय बाहर निकलने में सावधानी रखने की अपील की है।
बुजुर्गों और बच्चों को घर से कम बाहर निकलने की सलाह अस्थमा, हृदय और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज रखें अतिरिक्त सावधानी किसानों को सुबह खेतों में जाते समय सतर्क रहने की हिदायत सड़क किनारे दुकानों में बढ़ी भीड़, चाय–नाश्ते की दुकानों की रौनक लौटे
ठंड बढ़ते ही सड़क किनारे चाय, भजिया, समोसा, और गर्म पकवान बेचने वाले दुकानदारों की बिक्री में भारी बढ़ोतरी हुई है। रायपुर के तेलीबांधा, शास्त्री चौक, टिकरापारा, गोलबाजार और सिविल लाइंस इलाके में सुबह और शाम के समय चाय की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।
स्कूलों में समय बदलने की तैयारी
ठंड की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए कई निजी विद्यालयों ने सुबह 8 बजे की शिफ्ट को 9 बजे करने पर चर्चा शुरू कर दी है। सरकारी स्कूलों में भी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्थिति को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: सावधानी ही बचाव
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से ठंड में शरीर को ढककर रखने, गर्म पानी पीने, और सुबह–शाम की ठंडी हवाओं से बचने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में अचानक तापमान गिरने से सांस फूलना, लो ऑक्सीजन, सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ती हैं।
छत्तीसगढ़ इस सप्ताह ‘सर्दी के प्रकोप’ की चपेट में रहेगा मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 17 नवंबर के बाद तापमान में हल्की वृद्धि हो सकती है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में ठिठुरन और शीतलहर का असर जारी रहेगा।





