
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में पिछले कई दिनों से जारी कड़ाके की ठंड ने जनजीवन पर गहरा प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी, कोरिया और सरगुजा संभाग में तापमान लगातार नीचे लुढ़क रहा है। तेज़ सर्द हवाओं और गिरते पारे के कारण लोगों की सांस फूलने, खांसी-बुखार और लो ऑक्सीजन सेचुरेशन की शिकायतों में तेजी आई है। सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी क्लीनिकों तक ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है।
डॉक्टरों के अनुसार सुबह और देर शाम के वक्त ठंड अधिक तीखी होने से दम, दमा, COPD और हार्ट पेशेंट सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो पिछले 48 घंटों में सामान्य से 20–25% अधिक मरीज सांस की समस्या लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तरी हवा के तेज बहाव के चलते तापमान में और गिरावट दर्ज की गई है। अगले 3 दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। शीतलहर की स्थिति बनने के आसार हैं, जिससे ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में कंपकंपी और बढ़ सकती है।
इधर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को सुबह की ठंड से बचने, गर्म कपड़ों का उपयोग बढ़ाने, भाप लेने और घर में नमी बनाए रखने की सलाह दी है। वहीं जिला प्रशासन ने भी अलाव की व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
ठंड का असर आम जनजीवन पर साफ दिख रहा है—सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या कम, सड़कों पर ट्रैफिक धीमा और बाजारों में हलचल देर से शुरू हो रही है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।





