
रायपुर/कुनकुरी।
जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन दर्ज हो गया है। लंबे समय से प्रतीक्षित नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को राज्य सरकार ने आखिरकार हरी झंडी दे दी है। कॉलेज भवन निर्माण के लिए 359 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद अब वास्तविक निर्माण कार्य के तेज़ी से शुरू होने की पूरी उम्मीद है। इससे न केवल जशपुर बल्कि आसपास के सीमावर्ती जिलों और ग्रामीण अंचलों को भी उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की नई रोशनी मिलने जा रही है।
60 पदों की स्वीकृति पहले ही जारी
स्वास्थ्य शिक्षा विभाग द्वारा कॉलेज के संचालन के लिए आवश्यक 60 पदों को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें प्रशासनिक, तकनीकी तथा शिक्षण से जुड़े अहम पद शामिल होंगे। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य के समानांतर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, ताकि भवन बनने के साथ ही कॉलेज संचालन के लिए पूरी टीम तैयार हो।
359 करोड़ की मंजूरी से बढ़ी रफ्तार
मंजूरी के बाद अब लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य अधोसंरचना टीम ,कॉलेज भवन,प्रभारी हॉस्पिटल,अत्याधुनिक प्रयोगशाला,कक्षाएं, ऑडिटोरियम,छात्र एवं छात्राओं के लिए हॉस्टल,डॉक्टर व स्टाफ क्वार्टर
जैसी तमाम इकाइयों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से शुरू करेंगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारंभ की जा रही है।
क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी राहत
कुनकुरी क्षेत्र के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब दूर स्थित बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद—आपातकालीन सेवाओं में सुधार विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य जागरूकता रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी जैसी सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आसपास के जिलों को भी मिलेगा लाभ
जशपुर, बलरामपुर, सरगुजा, गुमला और सुंदरनगर जैसे पड़ोसी जिलों की बड़ी आबादी को इससे गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आदिवासी व जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को विशेष रूप से राहत मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों में खुशी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इस फैसले को “विकास की दिशा में मील का पत्थर” बताते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य शिक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी। स्थानीय नागरिकों व व्यापारियों में भी उत्साह का माहौल है, क्योंकि मेडिकल कॉलेज आने से क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और आवास सुविधाओं को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार की बड़ी पहल
राज्य सरकार की लक्ष्य योजना के मुताबिक, दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए यह कॉलेज अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह संस्थान पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ का प्रमुख मेडिकल हब बन सकता है।
कुल मिलाकर — कुनकुरी मेडिकल कॉलेज की मंजूरी ने स्वास्थ्य सेवाओं और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने का काम किया है। आने वाले महीनों में इसकी तस्वीर और भी स्पष्ट होगी, क्योंकि निर्माण कार्य तेजी से आकार लेने लगेगा।





