
बलोदा बाज़ार। जिले के जंगलों में बीते कुछ दिनों से टाइगर की मौजूदगी की चर्चा ने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया है। ग्रामीणों से लेकर वन विभाग तक हर कोई सतर्क है। टाइगर की दस्तक ने जहां वन्यजीव प्रेमियों में उत्सुकता बढ़ाई है, वहीं स्थानीय निवासियों में बेचैनी और सावधानी दोनों का माहौल बन गया है। वन विभाग इसे गंभीरता से लेते हुए लगातार निगरानी बढ़ा रहा है और मूवमेंट ट्रैक करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रहा है।
दो शिफ्टों में गश्त, लोकेशन ट्रेस करने की चुनौती
वन विभाग के कर्मचारियों के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती है टाइगर की सही लोकेशन पता करना। अधिकारी बताते हैं कि टाइगर दिन में कई किलोमीटर तक मूव करता है और अक्सर घने जंगलों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में छिपा रहता है। ऐसे में प्रतिदिन सुबह और शाम दो शिफ्टों में विभाग की टीम जंगल के अलग-अलग हिस्सों में पैदल गश्त कर रही है। इस दौरान कर्मचारी फुट मार्क, पंजों के निशान, पेड़ों पर खरोंच, ताज़ा मल-मूत्र, तथा शिकार के अवशेष जैसे संकेतों को बारीकी से तलाश रहे हैं।
कैमरों की नजर में हर गतिविधि
वन विभाग ने कई महत्वपूर्ण स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए हैं, जिनसे टाइगर की दिशा और गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। कैमरे में कैद होने वाले हर फोटो और वीडियो की तुरंत जांच की जाती है, जिससे मूवमेंट की टाइमलाइन तैयार की जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, टाइगर के क्षेत्र बदलने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए कैमरों की संख्या बढ़ाने और कुछ स्थानों पर ड्रोन सर्विलांस शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ी सतर्कता टाइगर की दस्तक की खबर जंगल से लगे गांवों तक पहुंचते ही लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। चरवाहों को मवेशी जंगल की ओर न ले जाने की सलाह दी गई है।
कुछ गांवों में रात के समय लोग समूह बनाकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। खेतों की रखवाली करने वाले किसानों को भी वन विभाग ने विशेष निर्देश दिए हैं कि सुबह और शाम के समय अकेले खेतों की ओर न जाएं,किसी भी अनजान आवाज़ या हरकत को हल्के में न लें,तुरंत नजदीकी वन चौकी को सूचना दें।
वन विभाग की अपील—अफवाहों से बचें, सहयोग करें
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि टाइगर की मौजूदगी से डरने की जरूरत नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। कई बार अफवाहों के चलते गलत सूचनाएं फैलने लगती हैं।
वन विभाग ने जनता से कहा है कि
– सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि की गई तस्वीरें या वीडियो शेयर न करें,
– किसी भी प्रकार का शोर-शराबा जंगल की ओर न करें,
– टाइगर दिखने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें और मोबाइल से फोटो खींचने की कोशिश न करें।
अधिकारी बोले—स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण
वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और टाइगर की गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि जरूरत पड़ी तो विशेषज्ञ टीमों को भी बुलाया जाएगा।जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। पशु चिकित्सकों की एक टीम भी standby mode पर रखी गई है ताकि किसी भी संभावित घटना से तुरंत निपटा जा सके।
भविष्य की कार्ययोजना
वन विभाग आगामी दिनों में
– और कैमरे लगाने,
– पैदल गश्त बढ़ाने,
– गांवों में जागरूकता अभियान चलाने,
– तथा सुरक्षा उपायों को मजबूत करना
जैसी योजनाओं पर काम कर रहा है।
टाइगर की अचानक दस्तक ने जहां पूरे इलाके में रोमांच पैदा कर दिया है, वहीं वन विभाग की मुसीबतों को भी बढ़ा दिया है। अब देखना यह है कि विभाग इस चुनौती से कैसे निपटता है और टाइगर की सुरक्षित उपस्थिति के साथ मानव-जनसंख्या की सुरक्षा को संतुलित तरीके से कैसे संभालता है।





