
रायपुर
वर्ष 2026 में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के पश्चात् अब तक एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की टीम ऑनलाईन सट्टा के प्रकरणों में कार्यवाही करते हुये 11 प्रकरण में 64 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नगदी रकम 66,50,888, मोबाईल फोन – 207 नग, लैपटॉप – 19 नग, चारपहिया वाहन – 08 नग, दोपहिया वाहन – 04 नग सहित अन्य मशरूका कीमती लगभग 02 करोड़ 96 लाख 64 हजार 800 रूपये किया गया है जप्त
एण्टी क्राईम एण्ड साईबर के dcp स्मृतिक राजनाला ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि प्रकरण के मास्टर माईंड बाबू खेमानी 2.5 वर्ष पूर्व अपने भाई करण खेमानी और अन्य रायपुर के सट्टा पैनल संचालित करने वालों के साथ मिलकर रायपुर में सट्टा संचालित करने की योजना बनायी। चूंकि सोशल मीडिया इन्फ्लूऐंजर था उसके बहुत फालोअर थे, उसका फायदा उठाकर हाई प्रोफाईल सट्टा खेलने वालों लोगों से संपर्क किया और शुरूवात में मेट्रो, कलर 777, क्लासिक एक्स 99 बैटिंग एप का संचालन किये। दिनांक 16.10.2023 को थाना खम्हारडीह में इसका भाई करण खेमानी अन्य 03 आरोपियों के साथ पकड़ा गया, जिसमें थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 407/23 धारा 4क जुआ एक्ट, 5, 6, 7 छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 का अपराध पंजीबद्ध किया गया था। उसके बाद डर से इन तीनों एप का संचालन बंद कर दिया गया, उसके बाद पुनः 3Stumps, 55 एक्सचेंज नाम से आई डी बनायी और निश्चित योजना के तहत् बाबू एवं करण खेमानी ने पुराने ग्राहकों को 3Stumps, 55 एक्सचेंज पैनल में जोड़ा, जो लगातार सट्टा खेल रहे थे। चूंकि रायपुर पुलिस का बहुत दबाव रहता है इसलिये बाबू एवं करण खेमानी ने रायपुर के बाहर अन्य राज्य में पैनल संचालित करने की योजना बनायी। कमलेश देवांगन को कलेक्शन एजेंट का काम दिया। रोहित सिंह देशभर में पैनल या आई डी बांटने का काम करता था। विशाल कश्यप का काम लेन-देन के लिये खाता कलेक्शन का था। विशाल कश्यप द्वारा दिये गये बैंक खातों में रकम का लेन-देन होता था। देशभर से खाता देने वालों एजेंटो से 20-30 हजार रूपये में खाता लेते थे।
एण्टी क्राईम एण्ड साईबर dcp स्मृतिक राजनाला





