कवर्धा, कबीरधाम जिला के पंडरिया विकास खण्ड अंतर्गत आने वाले किशुनगढ़ का शासकीय प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रवास में घोटाला व वित्तीय अनियमितता तथा प्रशासनिक नियमों को ताक पर रखने की मामला सामने आया है।
लगातार ग्रामीणों की शिकायत आ रहा था जिस पर सांध्य दैनिक अखबार समाचार लोक व हिन्द मीडिया न्यूज वैब मीडिया ने स्ट्रिंग आपरेशन कर जाना जिसमे उस छात्रावास में केवल 15 छात्रों की उपस्थिति दर्ज दिखाई पड़ी।
वही लिखित दर्ज संख्या में भी बड़ी तादात में गड़बड़ी है। अधीक्षक छात्रावास में नही रहता वह अपने निवास शिक्षक कालोनी पंडरिया में रहता है। वहा कार्यरत रसोइया व अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे संचालित रहता है कभी कभी मात्र रात में रहता है अधीक्षक।
वहीं सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग कार्यालय कलेक्टर के आदेश बिना अनुमति प्रवेश वर्जित का सहारा ले किसी भी जनप्रतिनिधि को अंदर जाने का अनुमति नहीं है जिससे यह घोटाला सर आंखों पर है।
जानकारी प्रदान अनुमति लेकर जाने पर अधीक्षक अपनी उपस्थिति मात्र उस दिन दर्ज करा देगा बाकी अन्य दिवस में वही व्यवस्था बनी रहेगी।
आपको बता दें कि इस छात्रावास में वास्तविक उपस्थिति दर्ज के अनुसार फर्जी मानक तैयार कर कार्यालय में जानकारी संप्रेषित किया है। जो फर्जी तथा भ्रष्ट होने का प्रमाण हैं, जिसका वास्तविक जांच किया जाए तो सही जानकारी प्राप्त हो जायेगा। साथ ही इस तरह कृत्य करने वाले कर्मचारी के ऊपर न्यायिक जांच कर न्यायिक सजा से दंडित किया जाना न्यायोचित होगा जिससे इस तरह कृत्य करने वाले के लिए उदाहरण बन सके।