
पंडरिया, नगर पंचायत पंडरिया जो अब नगरपालिका हो चुका है जिससे यहां के रहवासी में बड़ी खुशी की लहर थी। पर अब ऐसा कुछ नहीं नगर पालिका की क्षेत्र की सड़के पे चलें जाएं तो मानो ऐसा प्रतीत होता की सदियों से नहीं इन सड़कों पर निर्माण कार्य हुआ ही नहीं है।वार्ड क्रमांक एक से लेकर नए परिसमन से जुड़े हुए शामिल वार्डों की भी बात करें तो ग्रामीणों से भी गए गुजरे हैं जो कुछ नहीं भ्रष्टाचार के भेट चढ़ चुका।भ्रष्ट ठेकेदारों के द्वारा गुणवत्ता हीन कार्य कर लिपा पोती कर दिया जाता जिसमे जनप्रतिनिधि की मौन साधना दिखाई पड़ती है वही अधिकारी के द्वारा बिना किसी जांच परख आसानी से कमिशन के चलते भुगतान कर दिया जाता है जिसका परिणाम नगर के आम नागरिकों को मिलता है।
बात की जाए नाली निर्माण की हो या सड़क निर्माण की दोनो मे गोल मटोल वाली काम हो रहा है।इस कार्य में प्रमुख भूमिका तकनीकी ज्ञान रखने वाले इंजिनीयर की भी जो अपनी कर्तव्यों निष्क्रियता के साथ निर्वहन करते हैं जिससे कम समय में ही लाखों, करोड़ों की निर्माण कार्य नाली, सड़क, भवन आदि ध्वस्त हो खराब हो जा रहे हैं। 2 करोड़ से अधिक की लागत से बनी गांधी चौक से पुराना बस स्टैंड तक की बीटी सड़क निर्माण जो गुणवत्ता को बया कर रहा जिसमे राशि आहरण तो कर लिया गया है पर समय समय पर होने मरम्मत करना अपना जवाबदारी नहीं समझ रहे हैं।
निकाय के वार्डों में पदेन पार्षद एवं अध्यक्ष की भी पंडरिया नगर पालिका की विकास के प्रति किसी भी प्रकार की लालकता नही दिखाई पड़ रही है जो नगर पालिका पंडरिया के लिए अभिशाप के रूप में आम जनों को मिल रहा है।सड़कों की निर्माण कार्य की कमी कोई नई बात नहीं है लेकिन वर्तमान में बारिश के मौसम ऐसे अनेकों वार्ड है जिसमे निकाय के निष्क्रियता से घरों के अंदर ही बारिश की पानी नाली सड़क से गुजर घरों तक पहुंच रही है। वार्डों की नाली में आए दिन जाम होना कोई नई बात भी नहीं जिसका कारण पूर्ण रूप से निकाय की ही कमजोरी नजर आती हैं।
नगर पालिका क्षेत्र के विद्यालयों में छात्र छात्राओं को कीचड़ से लतपथ हो आना जाना पड़ता है जहां पार्षद अथवा अध्यक्ष निधि या नगर पालिका के अन्य मद से कराया जा सकेगा पा ऐसा कुछ नहीं बिल, बाउचर में मस्त रहना ही जनप्रतिनिधि गणों का कार्य बन चुका है जो पूरे नगर पालिका पंडरिया क्षेत्र के लोगों के लिए चिंतन का विषय बना हुआ है आखिर कब सुधरेंगे पंडरिया के सड़को, नाली, भवनों का हाल नगर पालिका में पदभिहित जनप्रतिनिधि व अधिकारी की उदासीनता निकाय के आम जनों के लिए क्यों? सालों गुजर गई पर विकास के लिए भटक रही पंडरिया।







