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*सरकार के महत्वकांक्षी योजना को पलिता लगता हुआ पीएचई विभाग….* *ठेकेदारों को व्यक्तिगत लाभ पहुचाने विभाग समर्पित…….* *जिला प्रवास पर रहे स्वास्थ्य मंत्री के कहि कार्यवाही की बात…*

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*सरकार के महत्वकांक्षी योजना को पलिता लगता हुआ पीएचई विभाग….*

*ठेकेदारों को व्यक्तिगत लाभ पहुचाने विभाग समर्पित…….*

*जिला प्रवास पर रहे स्वास्थ्य मंत्री के कहि कार्यवाही की बात…*

 

@चुनेश साहू

छत्तीसगढ़/धमतरी:-

जिला प्रवास पर रहे स्वास्थ्य एवं पंचायत विकास मंत्री टी एस सिंहदेव जी से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सम्बंध में चर्चा किया गया.. वहीं कार्य के गुणवत्ता को लेकर मंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों के ऊपर जांच कर कार्यवाही की बात कही है,
वहीं विभाग में कमीशन खोरी कर सांठगांठ कर के अपने चहेते ठेकेदारों लो कार्य देने और ऑनलाइन टेंडर में भी भारी भर्राशाही का आरोप शिकायतकर्ताओं ने लगाया है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पानी की किल्लत दूर करने के लिए जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत घर घर नल के माध्यम से पानी पहुंचाने का सपना साकार करने के लिए भारी भरकम बजट देकर लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी के माध्यम से पेयजल टंकी बनाकर पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने की योजना बनाई। लेकिन प्रधानमंत्री की अति महत्वाकांछी योजना में भरष्टाचार कर बंदरबाट की जा रही है। धमतरी के सभी विकासखंड में जल जीवन मिशन योजना में जमकर भरष्टाचार किये जाने का मामला प्रकाश में आया है, ठेकेदार द्वारा घटिया स्तर का मटेरियल लगाकर टंकी और बाउंड्री वाल का निर्माण किया है,ठेकेदार द्वारा पाइप लाइन भी सही ढंग से नही बिछाई गई, वहीं पाइप के गुणवत्ता को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं ।पानी की सप्लाई कब चालू होगी यह कोई बताने को तैयार नही क्योकि घटिया स्तर का निर्माण होने और पाइप लाइन सही ढंग से न डाले जाने के कारण घर घर पानी पहुंचना असम्भव ही है शायद इसीलिए कागजो में नल जल योजना पूरी कर पंचायत को हैंडओवर कर अपने कर्तब्यों से इति श्री की कहानी चल रही है। टंकी और बाउंड्रीवाल निर्माण के दौरान तराई नाम मात्र के लिए ही कि गई है जिस कारण निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मज़बूती पर सवाल उठना लाजिमी है।

*मजदूरों के भरोसे किया जा रहा तकनीकी काम…*

जानकारी के अनुसार शासन द्वारा 20 लाख तक के कार्य मे डिप्लोमा इंजीनियर तथा 20 लाख से ऊपर के निर्माण कार्य मे बी ई होल्डर इंजीनियर की देखरेख में ही ठेकेदार द्वारा कार्य कराए जाने का प्रावधान है लेकिन शासन के नियमो को दरकिनार कर ठेकेदारों मनमानी करते हुए मजदूरों के भरोसे तकनीकी कार्य करवाया गया है तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य मे कितनी गुणवत्ता होगी।विजिट के दौरान देखा गया है कि मौके पर ठेकेदार द्वारा कोई तकनीकी अधिकारी नियुक्त नही किया गया तो पी एच ई के अधिकारी यदि निरीक्षण में जाते होंगे तो किसे समझाइस देते होंगे क्या मजदूरों को तकनीकी आंकड़े समझ आते होंगे? क्या मजदूर क्यूरिंग की महत्ता और मटेरियल की गुणवत्ता को समझने के काबिल है ?


*निर्माण एजेंसी के जिम्मेदारों द्वारा ठेकेदार पर क्यो नही की जाती कार्यवाही?..*

पी एच ई विभाग के सभी बड़े कार्य ठेके पर ही कराए जाते है लेकिन बड़े रसूखदार ठेकेदार पेटी ठेका में दूसरे को कमीशन में देकर अपनी रोटी सेंक लेते हैं, विभाग के तकनीकी अमले उपयंत्री,सहायक यंत्री, कार्यपालन यंत्री का दायित्व होता है कि चल रहे कार्यो की सतत मॉनिटरिंग करते रहे और गुणवत्ता पूर्ण कार्य न होने पर ठेकेदार के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करें। जल जीवन मिशन योजना के हालात देखकर तो ऐसा लगता है कि पी एच ई का तकनीकी अमला ठेकेदारों के सामने नतमस्तक है वजह ठेकेदार का राजनैतिक रसूख हो या फिर मोटा कमीशन मिलने पर फील्ड का भृमण और निरीक्षण इन्हें नागवार लगता है वही जब ग्राम प्रमुखों द्वारा सस्टीमेट कॉपी माँगने पर विभागीय हवाला देते हुए सरपंच तक को नही देते जिससे कार्य का कोई देखरेख पंचायत द्वारा नही किया जाता है।भारत के प्रधानमंत्री की अति महत्वाकांछी योजना जल जीवन मिशन योजना कही ग्रामीण नल जल योजना की तरह भ्र्ष्टाचार का शिकार होकर फ्लॉप न हो जाये जिस कारण घर घर पानी की आस लगाए बैठी जनता के घरों में लगी नल की टोंटी मात्र सज्जा सामान बनकर रह जाये। जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियो, प्रशासनिक अमले को मोदी की जल जीवन मिशन जैसी अनूठी योजना को सफल बनाने हेतु ठोस और कारगर कदम उठाने चाहिए ताकि लापरवाहों और भरस्टाचारियो पर विधि सम्मत कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।

 

जिले के कुछ सरपंचों एवं ग्रामीणों का कहना है बहुत ही घटिया गुणवत्ताहीन कार्य किया गया है,पाइपलाइन अधूरी है,जहां पाइप लाइन डाली गई है वहां भी कुछ लोगो के घर मे ही पानी आता है,अधिकारियों को अवगत कराने पर केवल आश्वासन ही मिलता है कोई कार्यवाही नही होती,सरपंच के ऊपर ठेकेदार एन ओ सी के लिए दबाव बना रहा है बहुत ही घटिया स्तर का कार्य ठेकेदार द्वारा किया गया है,

विभाग का रटा रटाया जवाब…
एसडीओ, सब इंजीनियर फील्ड में जाकर देखते हैं आप हवा हवाई बात न करें अभी कार्य प्रगति पर है जो पाइपलाइन अधूरी है उसे पूरा किया जाएगा,सभी लाइनों में पानी भेजने के लिए वाल्व लगाए जाएंगे।अभी टेस्टिंग चल रही है जहां जो लीकेज होगे सब ठीक किये जायेंगे। कार्य में मोनिटरिंग करने की बाते करते हैं.

 

चुनेश साहू 7049466638

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