

कबीरधाम / पंडरिया :एक ओर लोंगो की स्वास्थ्य के प्रति लगातार सरकार के द्वारा करोड़ो खर्च एवं झोला छाप डॉक्टरो के रोक थाम हेतु अनेको बार आदेश जारी किया गया है लेकिन अधिकारियों के वजह से सब फिसड्डी। बढ़ते बीमारी सर्दी, जुकाम, खांसी , बुखार आदि कोरोना वायरस चेकप के डर से भयभीत बैगा, आदिवासी कम पढ़े लिखे लोगों का फायदा उठा रहे पंडरिया ब्लॉक के पुटपुटा, लखन पुर , पोलमी ,दैहान टोला,कामटी भेड़ागढ़ में मरीजों के इलाज की व्यवस्था झोलाछाप बंगाली डॉक्टर के हवाले है। पोलमी में सड़क किनारें बंगाली डॉक्टर कपड़ा दुकान संचालित है ,कपड़ा दुकान एक नाम मात्र है, इसके आढ़ में वहां पर मरीजो की इलाज किया जाता है , मरीज चाहे उल्टी, दस्त, खांसी, जुखाम, बुखार से पीड़ित हो या फिर अन्य कोई बीमारी से ग्रस्त हो। पोलमी,कामटी में जो बंगाली डाक्टर मरीजों के इलाज के नाम पर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।विभाग को जानकारी होने के बावजुद भी बंगाली झोला छाप डॉक्टर के ऊपर कोई भी प्रकार के कार्यवाही नही करते जिससे समझ से परे है।
खुले आम कर रहे इलाज अधिकारीयों की साथ गांठ जैसी हो रही प्रतीत।

आपको बता दे पंडरिया ब्लॉक के पोलमी ,कामटी में बंगाली डॉक्टर रहते है ।वे खुले आम मरीजो का कर रहे है इलाज स्वास्थ विभाग को जानकारी होने के बाउजूद आखिर इनके ऊपर क्यो नही कर रहे कार्यवाही,कहीं उच्च अधिकारियो का संरक्षण प्राप्त तो नही जिनके बदौलत खुले आम लोगों के सेहत से कर रहे है खिलवाड़
आल्टोस तथा अन्य प्राइवेट हर्बल का है इनके पास सर्टिफिकेट।






