
दुर्ग।
संगठन में पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद इतना बढ़ गया है कि यह अब खुले टकराव का रूप ले चुका है। ताजा घटनाक्रम में उस समय बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला,जब 10 मंडलों के भाजपा अध्यक्ष अपने-अपने नव नियुक्त पदाधिकारियों के साथ भाजपा कार्यालय भिलाई पहुंच गए।।
आपको बता दे कि बीते कुछ दिन पहले भाजयुमो जिलाध्यक्ष सौरभ जायसवाल द्वारा 13 मंडलों के अध्यक्ष और महामंत्रियों की सूची जारी की गई थी। लेकिन इस सूची को अगले दिन ही 10 मंडल अध्यक्षों ने खारिज कर दिया और अपनी अलग समानांतर सूची जारी कर दी। इसके बाद से ही संगठन में असंतोष और गुटबाजी लगातार बढ़ती जा रही है। यही 10 मंडल अध्यक्ष अपने-अपने पदाधिकारियों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे और जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन से मुलाकात करने का प्रयास किया, लेकिन उनके अस्वस्थ होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद सभी ने भाजपा के महामंत्रियों से मिलकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। मंडल अध्यक्षों का आरोप है कि जारी सूची में उनकी सहमति नहीं ली गई, यहां तक कि कुछ विवादित नाम भी शामिल किए गए हैं।कार्यालय में पहुंचने के बाद सभी पदाधिकारियों ने बंद कमरे में बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। इस पूरे मामले की जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा दी गई है और अब अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा। कार्यालय में पहुंचने के बाद सभी पदाधिकारियों ने बंद कमरे में बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। इस पूरे मामले की जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा दी गई है और अब अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा। इस विवाद के चलते एक ही मंडल में दो-दो अध्यक्ष और महामंत्री बनने की स्थिति बन गई है, जिससे कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। जमीनी स्तर पर संगठन के कामकाज पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।वहीं भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष गोल्डी सोनी ने बताया कि हम 10 मंडल अध्यक्ष अपने-अपने पदाधिकारियों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन की तबीयत खराब होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। जो सूची को लेकर विवाद चल रहा है, उसे हमने पार्टी फोरम में रख दिया है। भारतीय जनता पार्टी एक परिवार है,और हम अपनी बात संगठन के भीतर ही रख रहे हैं।अब जो भी निर्णय होगा,वह शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर लिया जाएगा।वहीं भाजपा प्रवक्ता विनोद सिंह ने बताया कि यह पूरा मामला जिले के प्रभारी, संभाग प्रभारी और प्रदेश नेतृत्व के संज्ञान में है,सभी मंडल अध्यक्षों ने अपनी-अपनी बातें जिला पदाधिकारियों तक पहुंचा दी हैं। पार्टी के शीर्ष नेता इस विषय को गंभीरता से देख रहे हैं। जल्द ही इस पर उचित निर्णय लिया जाएगा और संगठन में समन्वय स्थापित किया जाएगा।।





