
जिला ब्यूरो ~अजय जांगड़े
कवर्धा, 06 जुलाई 2021। नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण असाधारण स्थिति मे कुछ असामाजिक स्वार्थी तत्वो द्वारा विषम परिस्थिति का फायदा उठाते हुए ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता एवं अभिभावक की मृत्यु हो गई है, उसका दत्तक ग्रहण के लिए सोसल मीडिया मे संदेश प्रसारित किया जा रहा है। किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 80 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति या संगठन किसी अनाथ परित्यक्त या अभ्यर्पित बालक को इस अधिनियम मे यथा उपबंधित उपबंधो या प्रक्रियाओ का अनुसरण किए बिना दत्तक ग्रहण करने प्रयोजन के लिए प्रस्थापना करता है उसे देता है प्राप्त करता है तो ऐसा व्यक्ति या संगठन दोनो मे से किसी भाति के कारावास से जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या एक लाख रूपये के जुर्माने से या दोनो से दंडनीय होगा। अनाथ परित्यक्त या अभ्यर्पित बच्चो को गोद लेने के लिए ॅॅॅब्।त्।ण्छप्ब्ण्प्छ मे रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की अधिक जानकारी के लिए किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत संचालित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण शिक्षक कालेनी मार्ग न. 01 कवर्धा या 9407621446, 7566553311 पर सम्पर्क कर बच्चो को दत्तक ग्रहण मे लेने की प्रक्रिया का विस्तृत जानकारी लिया जा सकता है।





