
भिलाई
बहुचर्चित MMS वायरल मामले ने एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव इस मामले को लेकर सोमवार को भिलाई नगर कोतवाली थाना पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस के समक्ष अपने फोटो और वीडियो के सैंपल सौंपे।
बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आए इस कथित MMS को लेकर विधायक पहले से ही इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश बताते रहे हैं। अब पुलिस द्वारा जारी नोटिस के बाद वे स्वयं थाने पहुंचे और मामले में जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
थाने में मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक यादव का रुख काफी आक्रामक नजर आया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में वे स्वयं प्रार्थी हैं, लेकिन पुलिस अब तक ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में उलझी हुई है।
उन्होंने नोटिस प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए बताया कि उन्हें जिस दिन सुबह 11 बजे थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया, वह नोटिस उन्हें डाक के माध्यम से दोपहर 1 बजे प्राप्त हुआ, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह खड़ा होता है।
विधायक ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान वायरल किए गए इस कथित MMS के जरिए उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि करीब ढाई साल बीत जाने के बावजूद पुलिस इस मामले की जांच पूरी नहीं कर पाई है, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
देवेंद्र यादव ने यह भी बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया था। उनका कहना है कि जब अन्य मामलों में केंद्रीय एजेंसी CBI से जांच कराई जा सकती है, तो उनके मामले में भी निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उन्हें न्याय मिल सके।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और संभावित जांच की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





