
हिसार, 10 अप्रैल
करीब 11 साल 4 महीने तक जेल में रहने के बाद संत रामपाल जी महाराज को शुक्रवार शाम सशर्त जमानत पर हिसार सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। शाम लगभग 5 बजे जैसे ही वे जेल से बाहर आए, उनके चेहरे पर मुस्कान देखी गई।
बिना किसी सार्वजनिक भीड़ या शोर-शराबे के वे सीधे वाहन में बैठकर सतलोक आश्रम, धनाना धाम के लिए रवाना हो गए।
रिहाई के बाद आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज ने अपने अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा,
“हमने कभी किसी का बुरा नहीं सोचा और ना ही सोचेंगे। आखिरी सांस तक मानवता का भला करेंगे, क्योंकि भले का अंत हमेशा भला ही होता है।”
लंबे समय बाद मिली राहत
गौरतलब है कि संत रामपाल जी महाराज पिछले 11 वर्षों से अधिक समय से विभिन्न मामलों में जेल में बंद थे। इस दौरान कई मामलों की सुनवाई लगातार चलती रही। उनके समर्थकों का दावा है कि इतने लंबे समय के बाद भी उन पर लगे कई आरोप सिद्ध नहीं हो सके हैं।
देशद्रोह मामले की अगली सुनवाई
बताया जा रहा है कि देशद्रोह से जुड़े मामले में अगली सुनवाई की तारीख 16 मई निर्धारित की गई है। इस केस पर देशभर की नजर बनी हुई है और आगामी सुनवाई को लेकर कानूनी विशेषज्ञों के बीच भी चर्चा तेज है।
अनुशासन में रहे अनुयायी
रिहाई के दौरान एक खास बात यह रही कि संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने उनके निर्देशों का पूरी तरह पालन किया। बड़ी संख्या में समर्थक होने के बावजूद किसी भी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था देखने को नहीं मिली। प्रशासन की ओर से भी राहत की सांस ली गई।
आश्रम में सादगीपूर्ण माहौल
सतलोक आश्रम, धनाना धाम में भी उनके स्वागत को सादगीपूर्ण रखा गया। सूत्रों के अनुसार, वहां किसी बड़े आयोजन या शक्ति प्रदर्शन से बचते हुए केवल आध्यात्मिक वातावरण में उनका स्वागत किया गया।
आगे की रणनीति पर नजर
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि रिहाई के बाद संत रामपाल जी महाराज की आगे की गतिविधियां क्या होंगी। क्या वे पुनः अपने आध्यात्मिक प्रवचनों को गति देंगे या कानूनी लड़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित करेंगे, यह आने वाला समय ही बताएगा।





