
कोरबा में गर्मी का आगाज होने के साथ ही कोरबा में राखड़ की समस्या ने लोगों को परेशान करना शुरु कर दिया है। दर्री ईलाके के ग्राम नवागांव झाबू में सीएसईबी के राखड़ बांध से उड़ने वाली राख के कारण गांव के ग्रामीण आक्रोशित हो गए है।
प्रदेश के कोरबा जिले में राखड़ की समस्या एक विकराल समस्या बन गई है जिसके निराकरण को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहा,जिससे आम जनता को काफी परेशनियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी की शुरुआत होने के साथ ही जिले के राखड़ बांध के किनारे बसे लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। शुक्रवार की सुबह भी कुछ ऐसा ही हुआ,जब सीएसईबी पश्चिम पॉवर प्लांट के लिए नवागांव झाबू में बनाए गए राखड़ बांध से राख हवा के साथ उड़कर गांव में पहुंचने लगी,क्षेत्र के स्कूल में भी इस तरह की समस्या सामने आई जिससे बच्चों के साथ ही स्कूल प्रबंधन को परेशान होना पड़ा। लोगों के घरों के साथ ही उनके खाने पीने के समान में राखड़ का प्रभाव होने से वे काफी आक्रोशित हो उठे।
आक्रोशित ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों का घेराव का नारेबाजी करने लगे। ग्रामीण चाहते है,कि बांध में पानी का नियमित रुप से छिड़काव हो ताकी उन्हें समस्या का सामना ना करना पड़े। ग्रामीण विनोद कुमार ने बताया कि नवापारा गांव का निवासी है और पिछले कई सालों से राखड़ की समस्या से परेशान है घर के बाहर कपड़ा सूखा नहीं सकते 5-10 मिनट बाहर बैठने पर ही लोग रक्षा प्रदूषित हो जाते हैं ऐसे में लोग बीमारी से भी ग्रसित हो रहे हैं इसे लेकर कई बार बात रखी गई लेकिन अब तक प्रबंधन ने इस और ध्यान नहीं दिया नहीं पानी का छिड़काव करती है जिससे हर साल समस्या उत्पन्न होती है।
गांव के ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के बीच काफी देर तक नोक झोंक होती रही। ग्रामीणों का आरोप है,कि हर साल उन्हें इस तरह की दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है बावजूद इसके विभाग उनकी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए आगामी दो दिनों के भीतर बांध में पानी का छिड़काव करने का वादा किया गया है,तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।





