
*ग्राम हल्दी में गोंडवाना गोंड महासभा के वार्षिक कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर ने की शिरकत, आदिवासी समाज संस्कृति को सराहा*
*बालोद :-* बालोद जिले के ग्राम हल्दी में आयोजित गोंडवाना गोंड महासभा आदिवासी समाज के वार्षिक कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में समाज के लोगों ने पारंपरिक नृत्य और बाजे-गाजे के साथ अध्यक्ष का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी महानायकों की पूजा अर्चना कर हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर ने आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और उनकी जीवनशैली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपनी परंपराओं और प्रकृति के प्रति प्रेम के लिए जाना जाता है। समाज को अपनी इस अनूठी विरासत को संजोकर रखना चाहिए और युवा पीढ़ी को इससे अवगत कराना अत्यंत आवश्यक है। श्रीमती चंद्राकर ने समाज के लोगों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए हर संभव सहयोग करने का वादा किया।
*समाज ने दिया एकजुटता का संदेश*
वार्षिक कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठ जनों और पदाधिकारियों ने सामाजिक गतिविधियों और विकास कार्यों पर चर्चा की। सभी पदाधिकारियों ने समाज में एकता और शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए एक स्वर में कहा कि सामाजिक एकजुटता से ही विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं। इस दौरान प्रमुख रूप से लक्ष्मी अशोक साहू सभापति जिला पंचायत बालोद, जितेश्वरी पडोटी अध्यक्ष छ: ग गोंडवाना महासभा महिला प्रकोष्ठ, बालिका मंडावी सरपंच, भगत बंजारे अध्यक्ष सतनामी समाज, भारती साहू सरपंच भटगांव, परशु राम सिन्हा अध्यक्ष सिन्हा समाज, धनेश्वर कतलाम अध्यक्ष गोंड समाज, सन्तोष यादव जी अध्यक्ष यादव समाज, डोमन कतलाम, कुंजेश्वर ठाकुर, भागवत मंडावी पूर्व सरपंच, हिमाचल साहू आदि उपस्थित रहे।

*सिर्राभाटा में कलार सिन्हा महोत्सव में शामिल हुईं जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर*
*बालोद :-* बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिर्राभाटा में ग्रामीण स्तरीय कलार सिन्हा महोत्सव का आयोजन समाज द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में बालोद जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में समाज के लोगों ने पारंपरिक गाजे-बाजे और हर्षोल्लास के साथ मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत किया। सामाजिक महोत्सव को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी पुरानी परंपराओं और लोक संस्कृति को जीवित रखते हैं और समाज के सभी वर्गों को एकजुट करने का भी काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कलार सिन्हा समाज हमेशा से अपनी मेहनत और सामाजिक एकजुटता के लिए जाना जाता है। अपनी संस्कृति, रीति-रिवाजों और सामाजिक ताने-बाने को सहेजकर रखना आज के दौर में बहुत जरूरी है। श्रीमती चंद्राकर ने समाज के प्रबुद्ध जनों और युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ें और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए आयोजक समिति और ग्रामवासियों की सराहना की।
महोत्सव के दौरान समाज के लोगों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसने समां बांध दिया। इस अवसर पर राजेश सिन्हा समाज सेवी, खेमराज सिन्हा, ओमप्रकाश सिन्हा,कमल सिन्हा, कन्हैया लाल सिन्हा, कुंजेश्वर सिन्हा, लिकेश्वर सिन्हा, दानी सिन्हा पूर्व सरपंच, सरोज सिन्हा महिला प्रमुख, भान बाई सिन्हा, वीणा सिन्हा, राकेश डहरे, पंकज सिन्हा, अमृता नन्द सिन्हा, बिशेश्वर साहू, शशि साहू देवीराम साहू सहित बड़ी संख्या में सिन्हा समाज के लोगों की उपस्थिति रही।





