
रायपुर। गुरुवार को राजधानी रायपुर स्थित लोकभवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद का गरिमामय स्वागत किया गया। इस दौरान राज्य की राजनीति और प्रशासनिक जगत की महत्वपूर्ण हस्तियों ने उनसे सौजन्य भेंट कर उनका अभिवादन किया।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा पूर्व राज्यपाल रमेश बैस भी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पूर्व राष्ट्रपति कोविंद के साथ औपचारिक चर्चा की और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।
औपचारिकता और सम्मान का माहौल
लोकभवन में आयोजित इस मुलाकात के दौरान पूर्व राष्ट्रपति कोविंद को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी अंगवस्त्र, राजकीय प्रतीक चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की जनता पूर्व राष्ट्रपति के मार्गदर्शन और अनुभव से लाभान्वित होती रहेगी।”
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें राज्य के सामाजिक और विकासात्मक बदलावों की जानकारी दी तथा उन्हें राज्य में बढ़ रहे औद्योगिक और शैक्षिक विस्तार से अवगत कराया।
संवाद में उठे विकास और संविधान मूल्यों के मुद्दे
सूत्रों के अनुसार बातचीत में संवैधानिक दायित्वों, राष्ट्रहित, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर प्रमुख रूप से चर्चा हुई। पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने संविधान की मूल भावना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने पर जोर देते हुए कहा कि—
“राष्ट्र तभी मजबूत होता है जब राज्य विकास, शिक्षा, न्याय और पारदर्शिता में अग्रणी भूमिका निभाए।”
छत्तीसगढ़ियों में उत्साह
कार्यक्रम की जानकारी फैलते ही नागरिकों में उत्साह देखने को मिला। लोकभवन के बाहर लोगों की भीड़ पूर्व राष्ट्रपति की एक झलक पाने के लिए जुटी रही।
आगामी कार्यक्रम
अधिकारियों के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति कोविंद आज राजधानी में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों से मुलाकात करेंगे तथा अगले दिन बिलासपुर और भिलाई में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
मुख्य बिंदु:
विवरण जानकारी
आगमन स्थान छत्तीसगढ़ लोकभवन, रायपुर , प्रमुख अतिथि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद स्वागतकर्ता राज्यपाल रमेन डेका, सीएम विष्णुदेव साय, स्पीकर डॉ. रमन सिंह, रमेश बैस
मुख्य चर्चा संविधान, विकास, पारदर्शी शासन
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की यह यात्रा न केवल राजकीय स्तर पर महत्वपूर्ण रही, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सम्मान और प्रेरणा का अवसर बनकर उभरी है। राज्य सरकार ने इसे ऐतिहासिक मुलाकात करार दिया है।





