
पंडरिया। पंडरिया विकासखंड के प्राथमिक शाला केशली गोड़ान में पदस्थ शिक्षक शिवकुमार बंजारे ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए एक अनोखी मिसाल पेश की है। विद्यालय में कार्यरत रसोइयों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्वयं के व्यय से धुआं रहित चूल्हा का निर्माण कराया है।
विद्यालय में पहले पारंपरिक चूल्हों पर भोजन तैयार किया जाता था, जिससे रसोइयों को धुएं के कारण आँखों में जलन, खांसी और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। शिक्षक शिवकुमार बंजारे ने इन परेशानियों को महसूस करते हुए अपने खर्चे पर यह सुधारात्मक कदम उठाया।
उन्होंने कहा कि “अगर किसी चीज की नकल करनी ही है, तो इस तरह की नेकी की नकल कीजिए, जिससे समाज को नई दिशा और विकास की डगर मिल सके।”
इस पहल की स्थानीय लोगों और शिक्षकों द्वारा खूब सराहना की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। रसोइयों ने भी शिक्षक के इस प्रयास के लिए आभार जताया और कहा कि अब उन्हें धुएं से राहत मिली है, जिससे कार्य वातावरण भी सुखद हो गया है।





